अशोकनगर। जिले में सोमवार को गो संरक्षण और गोमाता को राष्ट्रीय सम्मान दिलाने की मांग को लेकर तीन गोसेवक संगठनों ने रैलियां निकालीं। संगठनों ने कलेक्ट्रेट पहुंचकर प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपे। इसमें गोमाता को राष्ट्र माता, राष्ट्रीय पशु या राष्ट्रीय धरोहर घोषित करने की मांग की गई।
एक संगठन ने युगल सरकार मंदिर से रैली निकाली, जबकि दूसरे संगठन ने गांधी पार्क से जुलूस निकाला। इसके अलावा गोसेवकों ने बाइक रैली भी निकाली। इस दौरान गोवंश संरक्षण के लिए सख्त कदम उठाने की मांग की गई।
गो सम्मान आह्वान अभियान से जुड़े प्रतिनिधियों ने प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। इसमें पूरे देश में गोहत्या पर सख्त केंद्रीय कानून लागू करने, गो आधारित प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने और गोवंश संरक्षण को राष्ट्रीय प्राथमिकता बनाने की मांग की गई।
ज्ञापन में यह मांग रखी
ज्ञापन में हर जिले में आधुनिक गौशाला, गो अभयारण्य, नंदीशाला और गो चिकित्सालय स्थापित करने का सुझाव दिया गया। साथ ही राष्ट्रीय राजमार्गों पर घायल गोवंश के इलाज के लिए आपातकालीन चिकित्सा केंद्र बनाने और गोबर से सीबीजी (कंप्रेस्ड बायोगैस) उत्पादन इकाइयों को बढ़ावा देने की मांग की गई।
संगठन ने पंचगव्य आधारित औषधियों, जैविक खाद और प्राकृतिक खेती को सरकारी संरक्षण देने की भी मांग की। इसके अलावा सरकारी संस्थानों में गो आधारित उत्पादों के उपयोग, स्कूलों के मिड-डे मील में देशी गाय का दूध शामिल करने और पाठ्यक्रम में गोवंश के वैज्ञानिक, आर्थिक और सांस्कृतिक महत्व को शामिल करने का सुझाव दिया।
ज्ञापन में गौशालाओं के लिए विशेष काउ सेस लागू करने, चारागाह भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराने और गो आधारित उद्योगों को बढ़ावा देने की मांग भी की गई।
राष्ट्र माता घोषित करने की मांग की
वहीं, दूसरे संगठन ने राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपकर गोमाता को श्राष्ट्र माताश् घोषित करने की मांग की। उनका कहना था कि गोमाता भारतीय संस्कृति, ग्रामीण अर्थव्यवस्था, जैविक खेती और पर्यावरण संरक्षण की आधारशिला हैं। उन्हें राष्ट्र माता का दर्जा मिलने से गो संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ेगी और देश की सांस्कृतिक विरासत को सम्मान मिलेगा। इस दौरान गोसेवकों ने गो माता के जयकारे भी लगाए।