मोरवन। ग्राम पंचायत मोरवन क्षेत्र में घरों से एकत्रित किया जा रहा कचरा खुले मैदान में डंप किए जाने से गंभीर समस्या उत्पन्न हो गई है। कचरे के ढेर में प्लास्टिक और पॉलीथिन होने के कारण मवेशी भोजन की तलाश में वहां पहुंच रहे हैं और प्लास्टिक खा रहे हैं, जिससे वे गंभीर बीमारियों का शिकार हो रहे हैं।
ग्रामीणों के अनुसार खुले में फैले कचरे के कारण आवारा पशुओं का जमावड़ा लगातार बढ़ रहा है। हवा के कारण प्लास्टिक और पॉलीथिन चारों ओर फैल रही है, जिससे न केवल गंदगी बढ़ रही है बल्कि पशुओं के स्वास्थ्य पर भी गंभीर प्रभाव पड़ रहा है।
विशेषज्ञों के अनुसार प्लास्टिक पशुओं के पाचन तंत्र में जाकर धीरे-धीरे जमा हो जाती है, जिससे उन्हें अपच, संक्रमण और गंभीर आंतरिक समस्याएं हो सकती हैं, जो कई बार जानलेवा साबित होती हैं।
पशु चिकित्सक डॉ. शुभम ने बताया कि प्लास्टिक खाने के बाद यह जानवरों के पेट में एकत्रित होती रहती है, जिससे पाचन शक्ति प्रभावित होती है और कई मामलों में पशुओं की मृत्यु भी हो जाती है।
ग्रामीणों मनोहर जाट एवं हेमंत जैन ने बताया कि पंचायत द्वारा कचरे का उचित निस्तारण नहीं किया जा रहा है। उन्होंने मांग की कि कचरा संग्रह स्थल की बाउंड्रीवॉल बनाई जाए और गेट लगाया जाए ताकि मवेशी वहां प्रवेश न कर सकें।
इस संबंध में पंचायत प्रतिनिधि लाल सिंह भील ने बताया कि कचरे को जल्द ही नष्ट करने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। पूर्व में लोहे की एंगल और तार से बाउंड्री की गई थी, जिसे अज्ञात लोगों द्वारा चोरी कर लिया गया। उन्होंने कहा कि पुनः बाउंड्री कर मवेशियों को रोकने की व्यवस्था की जाएगी।
वहीं सचिव रामप्रसाद परमार ने बताया कि कचरे को जेसीबी के माध्यम से एक-दो दिन में नष्ट किया जाएगा तथा पत्थर और सीमेंट से स्थायी बाउंड्रीवॉल एवं गेट बनाने का प्रस्ताव उच्च अधिकारियों को भेजा जाएगा, ताकि भविष्य में इस समस्या का स्थायी समाधान हो सके।