उज्जैन। उज्जैनवासियों के लिए खुशखबरी है। इस बार उन्हें जल संकट का सामना नहीं करना पड़ेगा। शहर की प्यास बुझाने वाले गंभीर डैम में इस बार 350 एमसीएफटी पानी है। इसलिए नगर निगम ने निर्णय लिया है कि शहरवासियों को नियमित रूप से जलप्रदाय किया जाएगा। शनिवार को महापौर, निगम अध्यक्ष और निगम आयुक्त ने डैम का निरीक्षण किया है। इसके बाद यह निर्णय लिया गया।
उज्जैन उत्तर विधायक अनिल जैन कालूहेड़ा, महापौर मुकेश टटवाल, निगम अध्यक्ष कलावती यादव द्वारा निगम आयुक्त अभिलाष मिश्रा एवं पार्षदों के साथ टेम्पो ट्रेवलर में बैठकर गंभीर डैम पहुंचे और निरीक्षण किया। महापौर ने बताया कि वर्तमान में डैम में 350 एमसीएफटी पानी है। इसलिए नियमित रूप से शहर में जल प्रदाय किया जा सकेगा। डैम का फुल टैंक लेवल 45.5 मीटर या 149.2 फीट है।
गंभीर डैम पर निरीक्षण के दौरान विधायक, महापौर एवं निगम अध्यक्ष ने पेयजल से संबंधित पार्षदों की समस्याएं सुनीं और अधिकारियों को समाधान करने के निर्देशित दिए। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री की मंशा अनुसार जल गंगा संवर्धन अभियान के तहत वार्डों में स्थित कुएं, बावड़ियों एवं तालाबों की सफाई का कार्य जारी है जिसके पानी को उपयोग में लिया जा सकता है।
जनप्रतिनिधियों ने कहा कि शहर में पानी की समस्या वाले क्षेत्रों में बोरिंग, नलकूप खनन और टैंकरों के माध्यम से पानी पहुंचाया जा रहा है। शहर की जनता को पेयजल के लेकर परेशान नहीं होने दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि पीएचई विभाग की टीम प्रतिदिन शहर में जल प्रदाय कर रही है।
रेन वाटर हार्वेस्टिंग लगाने के लिए जनता को प्रेरित करें
पार्षदों को रेन वाटर हार्वेस्टिंग के लिए भी जागरूक किया गया। उनसे कहा गया कि अपने-अपने क्षेत्र में वार्ड के नागरिकों को जल संग्रहण के लिए रेनवाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लगवाने के लिए प्रेरित करें। वर्षा का जल संचित होगा एवं भूमिगत जल स्रोत में वृद्धि होगी।