चित्तौड़गढ़। सोशल मीडिया पर सार्वजनिक स्थान पर तलवार से केक काटने और उसे रील के रूप में वायरल कर आमजन में भय एवं दहशत फैलाने वाले निम्बाहेड़ा के हिस्ट्रीशीटर शोएब लाला को पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी के विरुद्ध राजस्थान एवं मध्यप्रदेश के विभिन्न थानों में हत्या, हत्या के प्रयास, एनडीपीएस एक्ट, लूट, मारपीट, राजकार्य में बाधा तथा आर्म्स एक्ट सहित कुल 14 आपराधिक प्रकरण दर्ज हैं।
जिला पुलिस अधीक्षक धर्मेंद्र सिंह ने बताया कि पुलिस मुख्यालय के निर्देशानुसार चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक गजेंद्र सिंह जोधा एवं वृत्ताधिकारी कपासन हरीश भारती के निर्देशन में थाना कपासन, कोतवाली निम्बाहेड़ा, सदर निम्बाहेड़ा एवं डीएसटी टीम ने संयुक्त कार्रवाई की।
पुलिस द्वारा 25 जुलाई को सोशल मीडिया मॉनिटरिंग के दौरान इंस्टाग्राम आईडी shoaiblala7777nimbahera से 11 जुलाई 2026 को अपलोड की गई एक रील सामने आई, जिसमें एक व्यक्ति कपासन दरगाह के बाहर सार्वजनिक स्थान पर हाथ में नंगी एवं धारदार तलवार लहराते हुए उससे केक काटता दिखाई दे रहा था। वीडियो में मौजूद अन्य लोग भी इस कृत्य को बढ़ावा देते हुए शोर मचाते नजर आ रहे थे।
जांच में तलवार लहराने वाले व्यक्ति की पहचान शोएब लाला पिता डेरान खां मुसलमान निवासी केंची चौराहा, निम्बाहेड़ा (हाल निवासी आदर्श कॉलोनी, निम्बाहेड़ा) के रूप में हुई, जो कोतवाली थाना निम्बाहेड़ा का हिस्ट्रीशीटर है। पुलिस के अनुसार, आरोपी ने आमजन में दहशत फैलाने और अपनी झूठी धमक एवं वाहवाही बनाने के उद्देश्य से इस वीडियो को सोशल मीडिया पर वायरल किया था। मामले में प्रकरण दर्ज कर आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ के बाद गिरफ्तार कर लिया गया।
पुलिस के अनुसार, शोएब लाला निम्बाहेड़ा क्षेत्र में 'लाला गैंग' संचालित करता है। इस गैंग पर व्यापारियों को डरा-धमकाकर फिरौती मांगने, अवैध वसूली करने तथा लोगों के साथ मारपीट कर क्षेत्र में दहशत फैलाने के आरोप हैं।
संयुक्त टीम ने की कार्रवाई-
कार्रवाई में थाना कपासन के थानाधिकारी सुनील शर्मा, हेड कांस्टेबल किशन सिंह एवं कांस्टेबल सुशील, जितेंद्र और शोभाराम शामिल रहे। वहीं आरोपी को डिटेन करने में कोतवाली निम्बाहेड़ा के थानाधिकारी प्रवीण टांक, हेड कांस्टेबल हरविंदर, ज्ञान प्रकाश, विजय सिंह एवं हेमंत सहित सदर निम्बाहेड़ा पुलिस एवं डीएसटी टीम के एएसआई सूरज कुमार तथा अन्य पुलिसकर्मियों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।