टीकमगढ़। मध्य प्रदेश में जल्द ही मानसून की एंट्री होने वाली है। आसमान में छाए बादलों को देख प्रदेश का अन्नदाता खरीफ सीजन की बुआई के लिए पूरी तरह तैयार बैठा है। लेकिन ऐन वक्त पर मुनाफाखोरों ने किसानों की इसी बेताबी का फायदा उठाकर उनके साथ धोखाधड़ी का गंदा खेल शुरू कर दिया है। टीकमगढ़ जिले में एक ऐसे ही बड़े रैकेट का भंडाफोड़ हुआ है जहां नामी ब्रांड के नाम पर किसानों को नकली सोयाबीन बीज थमाने की पूरी तैयारी कर ली गई थी।
मानसून सिर पर और वेयरहाउस में चल रहा था धांधली का खेल
कलेक्टर विवेक श्रोतीय को मुखबिर से सूचना मिली थी कि बुआई सीजन शुरू होने से ठीक पहले किसानों को ठगने का बड़ा जाल बुना जा रहा है। कलेक्टर के निर्देश पर कृषि उप संचालक मनोज कश्यप के नेतृत्व में कृषि विभाग और तहसीलदार की संयुक्त टीम ने ‘बालाजी वेयरहाउस’ पर अचानक छापा मारा।
जांच में जो सच सामने आया, वह हैरान करने वाला था। जहां एक तरफ किसान अच्छी बारिश की उम्मीद में अपनी गाढ़ी कमाई समेटकर अच्छे बीजों की तलाश में हैं। वहीं इस वेयरहाउस के अंदर नामी ब्रांड ‘वोरियो’ की हूबहू नकली बोरियां तैयार की जा रही थीं। इन नकली बोरियों में सामान्य सोयाबीन भरकर ब्रांडेड बीज के नाम पर महंगे दामों में खपाने का खेल चल रहा था।
मेहनत की कमाई पर पानी फेरने की थी तैयारी
अगर यह नकली बीज बाजार में पहुंच जाता तो मानसून की पहली बारिश के बाद खेतों में बुआई करने वाले सैकड़ों किसानों की न सिर्फ लागत डूब जाती, बल्कि उनकी सालभर की मेहनत पर भी पानी फिर जाता। संयुक्त टीम ने मौके पर मुस्तैदी दिखाते हुए धोखाधड़ी के इस खेल को समय रहते दबोच लिया। कार्रवाई के दौरान टीम ने मौके से ‘वोरियो’ ब्रांड की 281 खाली बोरियां, लगभग 40 क्विंटल अवैध सोयाबीन बीज जब्त किया है।
कृषि विभाग और राजस्व की संयुक्त टीम फिलहाल मौके पर डटी हुई है। वेयरहाउस को सील करने और आयोजकों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करने की प्रक्रिया जारी है।
इस बड़ी धांधली के बीच प्रशासन की किसानों से अपील
खरीफ की बुआई के इस नाजुक वक्त में खराब गुणवत्ता वाले बीजों के इस काले कारोबार से बचने के लिए कृषि विभाग ने किसानों को सावधान रहने की सलाह दी है। विभाग का कहना है कि किसान जल्दबाजी में किसी भी दुकान या सोसाइटी से बिना रसीद के बीज न खरींदे। अधिकृत विक्रेता से हमेशा जीएसटी वाला पक्का बिल जरूर मांगे।