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June 30, 2026, 5:42 pm
BIG NEWS : नीमच जिले में रविवार की झमाझम के बाद फिर थमा मानसून, पिछले साल से इतने इंच कम बरसा पानी, किसानों को अब भी तेज बारिश का इंतजार, बोवनी की रफ्तार भी थमी, पढ़े खबर 

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नीमच। मानसून की पहली झमाझम बारिश ने किसानों की उम्मीदें तो जगाईं, लेकिन अगले ही दो दिन बारिश थम जाने से खेतों में फिर मायूसी छा गई है। रविवार को हुई अच्छी वर्षा के बाद जिले के अधिकांश किसानों ने खरीफ सीजन की तैयारियां तेज कर दी थीं, लेकिन सोमवार और मंगलवार को बादल बिना बरसे लौट गए। ऐसे में जिले के करीब 70 प्रतिशत किसान अब भी जोरदार और लगातार बारिश का इंतजार कर रहे हैं, ताकि खेतों में पर्याप्त नमी आने के बाद सोयाबीन, मक्का सहित अन्य खरीफ फसलों की सुरक्षित बुवाई शुरू की जा सके। मौसम की बेरुखी और पिछले वर्ष की तुलना में कम बारिश ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। अब हर नजर आसमान पर टिकी है और किसान अच्छी बारिश के साथ खेती की रफ्तार पकड़ने की उम्मीद लगाए बैठे हैं।

पिछले दो दिन से नहीं हुई बारिश- 
रविवार को कई दिनों के लंबे इंतजार के बाद मानसून ने जिले में जोरदार दस्तक दी थी। दोपहर बाद शुरू हुई तेज बारिश से भीषण गर्मी और उमस से लोगों को राहत मिली। शहर की कई सड़कों पर जलभराव की स्थिति भी बनी, जबकि खेतों में नमी आने से किसानों को अच्छी बारिश की उम्मीद जगी थी। लेकिन अगले दो दिन बारिश नहीं होने से एक बार फिर उमस बढ़ गई और खेती-किसानी की गतिविधियां धीमी पड़ गई हैं।

फसल खराब होने की आशंका-
किसानों का कहना है कि एक-दो बारिश के भरोसे बोवनी करना जोखिम भरा होगा। यदि बुवाई के बाद दोबारा बारिश नहीं हुई तो बीज अंकुरित होने के बाद फसल खराब होने की आशंका बनी रहती है। इसलिए अधिकांश किसान पर्याप्त वर्षा होने का इंतजार कर रहे हैं।

पिछले साल से काफी पीछे है बारिश का आंकड़ा-
नीमच जिले की औसत वार्षिक वर्षा 32.5 इंच है। चालू वर्षाकाल में अब तक जिले में औसतन 4.5 इंच वर्षा दर्ज की गई है। नीमच विकासखंड में 4.7 इंच, जावद विकासखंड में 3.3 इंच और मनासा विकासखंड में 4.4 इंच बारिश हुई है। जबकि पिछले वर्ष इसी अवधि तक जिले में औसतन 8.8 इंच वर्षा हो चुकी थी। यानी इस बार अब तक 4.3 इंच कम बारिश दर्ज की गई है, जिसका सीधा असर खरीफ सीजन की बोवनी पर दिखाई दे रहा है।

प्रदेश के कई जिलों में झमाझम, लेकिन नीमच में इंतजार-
प्रदेश के कई हिस्सों में आज मंगलवार को मौसम सक्रिय रहा। भोपाल, सीहोर, पांढुर्णा, बैतूल, खरगोन, छिंदवाड़ा और सिवनी सहित कई जिलों में बारिश दर्ज की गई। पांढुर्णा में तेज बारिश के कारण पेड़ गिरने से आठ गांवों की बिजली आपूर्ति प्रभावित हुई, जबकि खरगोन और बैतूल में आकाशीय बिजली एवं बारिश से जुड़े हादसों में तीन लोगों की मौत हो गई।

इन जिलों के लिए जारी किया अलर्ट-
मौसम विभाग ने छिंदवाड़ा, सिवनी, बैतूल, बालाघाट और पांढुर्णा में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। वहीं भोपाल, इंदौर, उज्जैन, जबलपुर सहित प्रदेश के अधिकांश जिलों में वर्षा की संभावना जताई गई है। नीमच, मंदसौर, रतलाम, झाबुआ और आसपास के क्षेत्रों में फिलहाल हल्की से मध्यम बारिश की संभावना व्यक्त की गई है।

मौसम विभाग की सलाह-
मौसम विभाग ने आगामी दिनों में मानसून के दोबारा सक्रिय होने की संभावना जताई है। विभाग ने नागरिकों और किसानों से आकाशीय बिजली, तेज हवाओं तथा जलभराव वाले क्षेत्रों में सावधानी बरतने की अपील की है। कृषि विशेषज्ञों का भी कहना है कि किसान पर्याप्त वर्षा होने के बाद ही व्यापक स्तर पर बोवनी करें, ताकि फसल को शुरुआती अवस्था में नमी की कमी का सामना न करना पड़े।

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