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June 30, 2026, 6:00 pm
KHABAR : एमपी में तुरंत पदोन्नति प्रक्रिया शुरू करने के आदेश, महाधिवक्ता की कानूनी राय के बाद पत्र जारी, कोर्ट के अंतिम फैसले के अधीन होंगे प्रमोशन, पढे़ खबर 

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भोपाल। मध्य प्रदेश के लाखों सरकारी कर्मचारियों के लिए बड़ी राहत की खबर है। करीब एक दशक से रुकी पदोन्नति (प्रमोशन) प्रक्रिया अब शुरू होने की तैयारी में है। सामान्य प्रशासन विभाग (GAD) ने सोमवार को सभी विभागों के अपर मुख्य सचिव, विभागाध्यक्षों और कलेक्टरों को पत्र जारी कर प्रमोशन प्रक्रिया शुरू करने के संबंध में महाधिवक्ता की कानूनी राय के अनुसार आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।


सरकार ने यह कदम मध्य प्रदेश लोक सेवा पदोन्नति नियम-2025 को लेकर लंबित याचिकाओं के बीच उठाया है। सामान्य प्रशासन विभाग ने अपने पत्र में स्पष्ट किया है कि महाधिवक्ता ने वरिष्ठ अधिवक्ता सीएस वैद्यनाथन की कानूनी राय भेजी है। इसी के आधार पर विभागों को आगे की कार्रवाई करने को कहा गया है।


क्या है कानूनी राय
वरिष्ठ अधिवक्ता सीएस वैद्यनाथन ने अपनी राय में कहा है कि हाईकोर्ट ने प्रमोशन नियम-2025 पर कोई अंतरिम रोक (स्टे) नहीं लगाई है। पहले राज्य सरकार ने सुनवाई के दौरान अनौपचारिक रूप से प्रमोशन नहीं करने का आश्वासन दिया था, लेकिन वह न तो कोर्ट के आदेश का हिस्सा था और न ही किसी न्यायिक रिकॉर्ड में दर्ज है। अब परिस्थितियां बदल चुकी हैं क्योंकि मामला नए सिरे से सुनवाई के लिए जाएगा। इसलिए सरकार अपने वैधानिक अधिकारों का उपयोग कर सकती है।


शर्त के साथ हो सकते हैं प्रमोशन
कानूनी राय में कहा है कि विभागीय पदोन्नति समितियां (DPC) बुलाई जा सकती हैं और प्रमोशन दिए जा सकते हैं, लेकिन ये प्रमोशन हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट के अंतिम फैसले के अधीन होंगे। यदि भविष्य में अदालत का फैसला अलग आता है तो उसके अनुसार आगे की कार्रवाई होगी।


सरकार ने बताया- 40% क्षमता पर चल रहा प्रशासन
कानूनी राय में सरकार का पक्ष भी दर्ज है कि लंबे समय से प्रमोशन नहीं होने के कारण उच्च पद बड़ी संख्या में खाली हैं। सरकार का कहना है कि कई विभाग केवल लगभग 40 प्रतिशत स्वीकृत क्षमता पर काम कर रहे हैं।


इससे प्रशासनिक कामकाज प्रभावित हो रहा है और निचले पदों पर भर्ती भी अटकी हुई है। ऐसे में जनहित में प्रमोशन प्रक्रिया शुरू करना जरूरी है।


अब आगे क्या होगा
GAD के पत्र के बाद सभी विभाग विभागीय पदोन्नति समितियों (DPC) की तैयारी शुरू कर सकते हैं। हालांकि, अंतिम प्रमोशन आदेश न्यायालय में लंबित मामलों के अंतिम निर्णय के अधीन रहेंगे।


यदि प्रक्रिया शुरू होती है तो लंबे समय से प्रमोशन का इंतजार कर रहे हजारों अधिकारियों और कर्मचारियों को इसका सीधा लाभ मिल सकता है।

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