भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में बुधवार को हुई कैबिनेट बैठक में कई महत्वपूर्ण फैसलों को मंजूरी दी गई। बैठक से पहले मुख्यमंत्री ने मंत्रियों को बताया कि लंबे समय से विवादों में रही नर्मदा नदी पर सरदार सरोवर बांध परियोजना से जुड़े वित्तीय विवाद का समाधान हो गया है।
इसके तहत मध्य प्रदेश सरकार गुजरात को 217 करोड़ रुपए का भुगतान करेगी। साथ ही कर्मचारियों की पदोन्नति, आईटी पार्क, नगर वन, स्वास्थ्य सेवाओं और शिक्षा से जुड़े कई अहम निर्णय भी लिए गए।
कैबिनेट बैठक में मंत्रियों ने प्रदेश में करीब दस वर्ष बाद पदोन्नति प्रक्रिया शुरू होने पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को बधाई दी। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी विभागों और जिलों में पारदर्शी तरीके से पदोन्नति की कार्रवाई सुनिश्चित की जाए और कोई भी पात्र कर्मचारी इससे वंचित न रहे।
मुख्यमंत्री ने बताया कि सरदार सरोवर बांध परियोजना की लागत को लेकर गुजरात सरकार 50 प्रतिशत राशि की मांग कर रही थी। केंद्रीय स्तर पर हुई चर्चा के बाद सहमति बनी कि परियोजना की 75 प्रतिशत लागत गुजरात सरकार वहन करेगी, जबकि शेष राशि के रूप में मध्य प्रदेश 217 करोड़ रुपये देगा। इससे तीन दशक से अधिक समय से लंबित विवाद का समाधान हो गया है।
हर जिले में विकसित होंगे आईटी पार्क
एमएसएमई मंत्री चौतन्य काश्यप ने बताया कि राज्य इलेक्ट्रॉनिक्स डेवलपमेंट कॉर्पाेरेशन के डेटा सेंटर के उन्नयन के लिए 800 करोड़ रुपए की योजना को मंजूरी दी गई है। साथ ही औद्योगिक नीति के तहत प्रदेश के सभी जिलों में छोटे-छोटे आईटी पार्क विकसित किए जाएंगे और आईटी उद्योगों के लिए भूमि उपलब्ध कराई जाएगी।
डोंगला वेधशाला परियोजना को भी मंजूरी
विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग की ओर से उज्जैन के निकट डोंगला स्थित खगोलीय वेधशाला के विकास कार्यों को जारी रखने के लिए 39 करोड़ रुपए के व्यय को भी मंजूरी दी गई है।
नमो हरित नगर योजना को स्वीकृति
कैबिनेट ने नगरीय विकास विभाग की नमो हरित नगर योजना को मंजूरी दी। इसके तहत अगले पांच वर्षों में 100 करोड़ रुपए की लागत से नगर वन विकसित किए जाएंगे। इनके रखरखाव की जिम्मेदारी भी सरकार उठाएगी।
अनाज के ई-ऑक्शन का फैसला
समर्थन मूल्य पर खरीदे गए अनाज के संबंध में निर्णय लिया गया कि केंद्र सरकार के आवंटन के बाद बचा हुआ अनाज राज्य सरकार अपने स्तर पर ई-ऑक्शन के माध्यम से बेचेगी, ताकि लंबे समय तक भंडारण की समस्या न हो।
48 लाख लोगों को मिलेगा रजिस्ट्री में लाभ
कैबिनेट ने स्वामित्व योजना के तहत रजिस्ट्री पर पंचायत उपकर नहीं लेने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है। इस उपकर का खर्च राज्य सरकार वहन करेगी। इससे प्रदेश के करीब 48 लाख लोगों को लाभ मिलने की उम्मीद है।
विशेषज्ञ डॉक्टरों की भर्ती होगी तेज
प्रदेश के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में विशेषज्ञ डॉक्टरों की कमी दूर करने के लिए विभागीय स्तर पर भर्ती करने का निर्णय लिया गया है। जहां पीएससी के माध्यम से पद नहीं भर पाए हैं, वहां स्वास्थ्य विभाग स्वयं भर्ती करेगा। चयनित विशेषज्ञ डॉक्टरों को कम से कम तीन वर्ष तक एक ही स्थान पर सेवाएं देनी होंगी।
टॉपर्स को मिलती रहेगी स्कूटी
कैबिनेट ने हायर सेकेंडरी परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को स्कूटी वितरण योजना को भी पूर्ववत जारी रखने का निर्णय लिया है।