नीमच। कलेक्टर हिमांशु चंद्रा ने बुधवार को मालखेड़ा एवं जावी गांवों का दौरा कर जैविक खेती कर रहे किसानों के खेतों का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने किसानों से संवाद कर प्राकृतिक खेती की तकनीकों, जैविक खाद के उपयोग तथा शासन की योजनाओं से मिल रहे लाभ की जानकारी ली और अधिक से अधिक किसानों को जैविक खेती अपनाने के लिए प्रेरित किया।
मालखेड़ा में कलेक्टर ने किसान नंदकिशोर पाटीदार के खेत का निरीक्षण कर वर्मी कम्पोस्ट इकाई, केंचुआ खाद तथा उड़द और मक्का की फसलों का अवलोकन किया। किसान ने बताया कि वे गोबर से तैयार जैविक खाद का उपयोग कर खेती एवं सब्जियों का उत्पादन कर रहे हैं तथा गांव के करीब 10 किसान जैविक खेती अपना चुके हैं। कलेक्टर ने किसानों को तालाबों से निकली उपजाऊ मिट्टी खेतों में उपयोग करने की सलाह देते हुए कहा कि इससे भूमि की उर्वरता और उत्पादन क्षमता दोनों में वृद्धि होगी।
इसके बाद कलेक्टर ने जावी गांव में किसान जानकीलाल पाटीदार के खेत का निरीक्षण किया। यहां जैविक खाद के उपयोग से मिर्च एवं टमाटर की खेती की जा रही है। किसान ने बताया कि शासन की योजना के तहत स्थापित 7 एचपी सोलर पंप से सिंचाई की सुविधा मिलने के बाद बिजली संबंधी समस्या समाप्त हो गई है और खेती करना आसान हो गया है।
निरीक्षण के दौरान कृषि सखी कांता पाटीदार एवं सीता बैरागी ने किसानों को जीवामृत तैयार करने की विधि का प्रदर्शन किया। उन्होंने बताया कि गोबर, गोमूत्र, बेसन के घोल और गुड़ जैसी प्राकृतिक सामग्री से तैयार जैविक घोल सात दिनों तक उपयोग में लाया जा सकता है। कृषि सखियों ने किसानों को प्राकृतिक खेती की तकनीकों की जानकारी देते हुए रासायनिक उर्वरकों के स्थान पर जैविक खेती अपनाने का आग्रह किया।
निरीक्षण के दौरान एसडीएम पराग जैन, तहसीलदार संतोष कुमार, कृषि विभाग के उप संचालक नगिन सिंह रावत, उद्यानिकी विभाग के पी.एस. कनेल सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।