खरगोन। क्रांतिसूर्य टंट्या भील विश्वविद्यालय में बुनियादी सुविधाओं की कमी, समय पर परीक्षाएं नहीं होने और शिक्षकों की कमी को लेकर छात्रों का गुस्सा एक बार फिर फूट पड़ा। गुरुवार को अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) के बैनर तले छात्रों ने विश्वविद्यालय कार्यालय के बाहर जोरदार प्रदर्शन किया और चित्तौड़गढ़-भुसावल हाईवे पर चक्काजाम कर नारेबाजी की।
बिस्टान रोड स्थित विश्वविद्यालय कार्यालय के सामने हुए चक्काजाम के कारण हाईवे पर सैकड़ों वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। सूचना मिलने पर कुलपति मोहनलाल कोरी, कुलसचिव अजय वर्मा और एसडीएम सत्येंद्र बैरवा मौके पर पहुंचे और छात्रों से चर्चा की।
प्रदर्शन कर रहे छात्रों ने अधिकारियों को बताया कि विश्वविद्यालय में पिछले तीन वर्षों से प्रवेश तो दिए जा रहे हैं, लेकिन न तो समय पर परीक्षाएं आयोजित हो रही हैं और न ही पर्याप्त शिक्षक उपलब्ध हैं। इससे उच्च शिक्षा की उम्मीद लेकर विश्वविद्यालय में दाखिला लेने वाले छात्र खुद को ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं।
छात्रों ने विश्वविद्यालय की फीस को लेकर भी नाराजगी जताई। उनका कहना था कि जिन पाठ्यक्रमों की फीस महाविद्यालयों में 7 से 8 हजार रुपए है, उन्हीं कोर्स के लिए विश्वविद्यालय में 24 से 32 हजार रुपए तक वसूले जा रहे हैं। छात्रों ने सवाल उठाया कि जब इतनी अधिक फीस ली जा रही है तो बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने में प्रबंधन लापरवाही क्यों बरत रहा है।
करीब दोपहर 3.30 बजे कुलसचिव और एसडीएम की समझाइश के बाद छात्रों ने अपनी मांगों का ज्ञापन सौंपा और चक्काजाम समाप्त कर दिया। इसके बाद हाईवे पर यातायात दोबारा सुचारु हो सका।