मंदसौर। जिले में गंभीर एवं अति गंभीर कुपोषित बच्चों को तत्काल पोषण पुनर्वास केंद्रों में भर्ती कराकर उनका समुचित उपचार एवं नियमित देखभाल सुनिश्चित की जाए। साथ ही बच्चों का नियमित टीकाकरण कराया जाए। यह निर्देश कलेक्टर दिव्यांक सिंह ने गुरुवार को आयोजित जिला स्वास्थ्य समिति की समीक्षा बैठक में दिए।
बैठक में कलेक्टर ने निर्देश दिए कि गंभीर कुपोषित, मध्यम गंभीर कुपोषित एवं अति कम वजन वाले बच्चों को चिन्हित कर पोषण पुनर्वास केंद्रों में भर्ती कराया जाए। उन्होंने कहा कि बच्चों के उपचार एवं पोषण की नियमित मॉनिटरिंग की जाए, ताकि उन्हें शीघ्र स्वस्थ किया जा सके।
हाई रिस्क गर्भवती महिलाओं की नियमित निगरानी-
कलेक्टर ने गर्भवती महिलाओं का प्रथम त्रैमास में पंजीयन सुनिश्चित करने तथा हाई रिस्क गर्भवती महिलाओं की नियमित निगरानी के निर्देश दिए। स्वास्थ्य विभाग द्वारा ऐसी महिलाओं की सूची महिला एवं बाल विकास विभाग को उपलब्ध कराई जाएगी। आशा एवं आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को हाई रिस्क गर्भवती महिलाओं की नियमित मॉनिटरिंग करने के निर्देश दिए गए।
उन्होंने गर्भवती महिलाओं की चार एएनसी जांच नियमित रूप से कराने तथा टीकाकरण से वंचित बच्चों का निर्धारित समय सीमा में टीकाकरण सुनिश्चित करने को कहा। साथ ही महिला एवं बाल विकास तथा स्वास्थ्य विभाग को आपसी समन्वय के साथ नियमित फील्ड विजिट करने और यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए कि कोई भी गर्भवती महिला या शिशु स्वास्थ्य सेवाओं की निगरानी से वंचित न रहे।
कुपोषण हॉटस्पॉट के लिए बनेगी विशेष कार्ययोजना-
बैठक में महिला एवं बाल विकास विभाग ने बताया कि गंभीर कुपोषित बच्चों वाले हॉटस्पॉट चिन्हित किए गए हैं। जिन क्षेत्रों में तीन या उससे अधिक कुपोषित बच्चे पाए गए हैं, उन्हें हॉटस्पॉट के रूप में चिन्हित किया गया है। कलेक्टर ने इन क्षेत्रों के बच्चों के उपचार एवं पोषण सुधार के लिए विशेष कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए।
उन्होंने 3 से 6 वर्ष आयु वर्ग के बच्चों का आंगनबाड़ी केंद्रों में 31 अगस्त तक पंजीयन सुनिश्चित करने को कहा। इसके अलावा गर्भवती एवं धात्री माताओं की आधार आईडी तथा बच्चों की अपार आईडी बनाने के निर्देश भी दिए गए।
टीबी मुक्त पंचायतों और तंबाकू मुक्ति अभियान की समीक्षा-
बैठक में बताया गया कि जिले की 205 पंचायतें पूर्ण रूप से टीबी मुक्त हो चुकी हैं। कलेक्टर ने शेष पंचायतों में चालू कैलेंडर वर्ष के दौरान 75 प्रतिशत लक्ष्य हासिल करने के निर्देश दिए।
समीक्षा में यह भी सामने आया कि जिले के 105 स्कूल एवं पंचायतें तंबाकू मुक्त घोषित किए जा चुके हैं। कलेक्टर ने शेष स्कूलों एवं पंचायतों में विशेष अभियान चलाकर तंबाकू मुक्ति की कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
आयुष्मान आरोग्य मंदिरों में ओपीडी बढ़ाने पर जोर-
कलेक्टर ने आयुष्मान आरोग्य मंदिरों में प्रतिदिन की ओपीडी संख्या बढ़ाने के निर्देश दिए। बैठक में नियमित पोषण आहार, आंगनबाड़ी केंद्रों के संचालन तथा एचआईवी संक्रमित मरीजों से संबंधित व्यवस्थाओं की भी समीक्षा की गई और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. आर.के. द्विवेदी ने जिले में संचालित विभिन्न स्वास्थ्य योजनाओं एवं अभियानों की प्रगति का प्रस्तुतीकरण दिया। कलेक्टर ने विभिन्न राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों की समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों को निर्धारित समय-सीमा में लक्ष्य पूर्ण करने के निर्देश दिए।
बैठक में जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला एवं बाल विकास अंकिता पंड्या, जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. एस.जी. सूर्यवंशी, जिला टीकाकरण अधिकारी डॉ. सुरेश सोलंकी, जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. बी.एल. सिसोदिया, सिविल सर्जन डॉ. बी.एल. रावत, जिला कार्यक्रम प्रबंधक नीलेश गर्ग सहित स्वास्थ्य एवं महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारी, बीएमओ एवं आईसीडीएस परियोजना अधिकारी उपस्थित रहे।