नीमच। जावद विद्युत वितरण संभाग में वर्ष 2014-15 के दौरान ठेकेदार कंपनी द्वारा कथित रूप से फर्जी श्रमिकों के नाम दर्ज कर करोड़ों रुपये का भुगतान प्राप्त करने के मामले को लेकर आम आदमी पार्टी ने एक बार फिर निष्पक्ष जांच एवं दोषी अधिकारियों-कर्मचारियों पर वैधानिक कार्रवाई की मांग की है। आप के प्रदेश उपाध्यक्ष इंजीनियर नवीन कुमार अग्रवाल ने आरोप लगाया कि मामले में ठेकेदार कंपनी के विरुद्ध कार्रवाई किए जाने के बावजूद विद्युत वितरण कंपनी के संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों की भूमिका की समुचित जांच नहीं की गई।
अग्रवाल के अनुसार, आम आदमी पार्टी द्वारा वर्ष 2017 में लेबर भुगतान में फर्जी नाम दर्ज कर भुगतान किए जाने तथा एक ही व्यक्ति के नाम अलग-अलग ग्रिडों में दर्ज कर भुगतान लेने संबंधी शिकायत तथ्यात्मक दस्तावेजों के साथ की गई थी। प्रारंभिक जांच में अनियमितता नहीं पाए जाने की जानकारी दी गई, लेकिन पुनः शिकायत एवं लगातार जांच की मांग के बाद हुई जांच में गलत भुगतान की बात सामने आई।
आरटीआई से सामने आई भुगतान की जानकारी-
अग्रवाल ने बताया कि सूचना के अधिकार के तहत जानकारी प्राप्त करने के लिए उन्होंने राज्य सूचना आयोग में भी अपील की। इसके बाद उपलब्ध कराई गई जानकारी के आधार पर 12 नवंबर 2021 को करीब 64.68 लाख रुपये के कथित गलत भुगतान का मामला सामने आया। उनके अनुसार, इस मामले में ठेकेदार कंपनी के विरुद्ध वसूली की कार्रवाई की गई, लेकिन विद्युत वितरण कंपनी के संबंधित अधिकारियों-कर्मचारियों की भूमिका को लेकर अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई।
उन्होंने आरोप लगाया कि बिना विभागीय अधिकारियों एवं कर्मचारियों की मिलीभगत के इस प्रकार का भुगतान संभव नहीं था। हालांकि, जांच रिपोर्ट में अधिकारियों की भूमिका को पर्याप्त रूप से शामिल नहीं किए जाने से जांच की निष्पक्षता पर सवाल खड़े होते हैं।
दोषी अधिकारियों-कर्मचारियों पर कार्रवाई की मांग-
अग्रवाल ने आरोप लगाया कि जांच में वरिष्ठ अधिकारियों की भूमिका की समुचित जांच किए बिना निचले स्तर के कर्मचारियों को जिम्मेदार ठहराया गया। उन्होंने कहा कि पूरे मामले की पुनः निष्पक्ष जांच होना आवश्यक है, ताकि वास्तविक दोषियों की भूमिका सामने आ सके। उन्होंने तत्कालीन अधिकारियों आरसी बारबर एवं मनोज शर्मा सहित अन्य संबंधित अधिकारियों-कर्मचारियों की भूमिका की भी जांच कर नियमानुसार कार्रवाई किए जाने की मांग की है।
राष्ट्रपति से लेकर लोकायुक्त तक भेजे शिकायत पत्र-
अग्रवाल ने बताया कि मामले को लेकर उनके द्वारा राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री, प्रमुख सचिव ऊर्जा विभाग, प्रबंध निदेशक विद्युत वितरण कंपनी इंदौर, लोकायुक्त भोपाल एवं कलेक्टर नीमच सहित संबंधित अधिकारियों को शिकायत एवं दस्तावेज भेजे गए हैं। उन्होंने मांग की है कि उपलब्ध दस्तावेजों एवं पूर्व जांच रिपोर्ट के आधार पर पूरे प्रकरण की स्वतंत्र एवं निष्पक्ष जांच कराई जाए।
अग्रवाल ने कहा कि यदि जांच में किसी अधिकारी या कर्मचारी की संलिप्तता अथवा लापरवाही सामने आती है तो उसके विरुद्ध नियमानुसार वैधानिक कार्रवाई की जानी चाहिए। साथ ही कथित फर्जी भुगतान एवं विभागीय स्तर पर हुई अनियमितताओं की पूरी जिम्मेदारी तय कर शासकीय राशि की वसूली सुनिश्चित की जाए।