बड़वानी। राजाधिराज भगवान श्री रामकुल्लेश्वर महादेव का 46वां भव्य शिव डोला 31 अगस्त सोमवार को राजसी ठाठ-बाठ के साथ नगर भ्रमण पर निकलेगा। आयोजन को लेकर गुरुवार को श्री रामकुल्लेश्वर शिव डोला उत्सव समिति ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर तैयारियों और कार्यक्रमों की जानकारी दी। भगवान के पूजन के बाद पत्रकारों का सम्मान भी किया गया।
इस वर्ष दिल्ली की शिव बारात, नासिक के ढोल, देशी ढोल, आकर्षक झांकियां और आदिवासी नृत्य प्रमुख आकर्षण रहेंगे। भगवान बाबा की पालकी के आगे लवाजमा चलेगा। भावेश डांस ग्रुप की राष्ट्रीय प्रस्तुति और बजरंग व्यायामशाला अखाड़ा का प्रदर्शन भी होगा। मार्ग में भजन मंडलियां भगवान शिव के भजनों की प्रस्तुति देंगी।
समिति ने बताया कि श्री रामकुल्लेश्वर महादेव मंदिर का निर्माण कार्य फिर शुरू हो गया है। करीब डेढ़ से दो करोड़ रुपए की लागत से मंदिर निर्माण और लगभग चार एकड़ परिसर का विकास किया जाएगा। परिसर में 101 फीट ऊंची धर्मध्वजा भी स्थापित होगी।
मंदिर के गर्भगृह में 12 ज्योतिर्लिंगों की पवित्र मिट्टी और विभिन्न पवित्र नदियों का जल स्थापित किया जाएगा। समिति के अनुसार सरयू नदी का जल और अयोध्या की हनुमानगढ़ी की मिट्टी बड़वानी लाई जा चुकी है।
आयोजन में मां कालिका सेवा समिति, मां वैष्णो देवी मंदिर समिति, संकट मोचन हनुमान मंदिर ट्रस्ट, बजरंग व्यायामशाला, बाबा रामदेव सेवा समिति, योगमाया मंदिर समिति, आरती समिति राजघाट, अखिल विश्व गायत्री परिवार, श्री खाटू श्याम भक्त मंडल, जगन्नाथ रथ यात्रा समिति और मां रेवा कावड़ यात्रा समिति सहित कई संस्थाओं का सहयोग रहेगा। 31 अगस्त को बड़वानी में आस्था, संस्कृति और परंपरा का भव्य संगम देखने को मिलेगा।