BREAKING NEWS
BIG NEWS : दीपावली पर नीमच की सड़कों पर बदलेगा पूरा.. <<     KHABAR : पिछड़ा वर्ग के विद्यार्थियों को विदेश में.. <<     NEWS : दीपावली पर चित्तौड़गढ़ में ट्रैफिक.. <<     NMH MANDI : एक क्लिक में पढ़े कृषि उपज मंडी नीमच के.. <<     KHABAR : कुम्हारों के लिए कलेक्टर हिमांशु चंद्रा.. <<     KHABAR : कांग्रेसी पहुंचे यूनिवर्सिटी, कुलपति कार.. <<     KHABAR : बड़वानी में करंट लगने से 41 वर्षीय युवक की.. <<     BIG NEWS : आकाशीय बिजली ने छीनी परिवार की खुशियां,.. <<     KHABAR : नीमच जिले को मुख्यमंत्री वृंदावन ग्राम.. <<     KHABAR : इस दीपावली मिट्टी के दीयों से रोशन होंगे.. <<     KHABAR : गांव में पहुंची आयुर्वेदिक चिकित्सा की.. <<     REPORT : नीमच में अवैध खनिज कारोबार पर कलेक्टर का.. <<     KHABAR : नीमच कलेक्ट्रेट में खाली थाली बजाकर किया.. <<     KHABAR : सुरक्षित बचपन अभियान के तहत विधिक.. <<     KHABAR : आप ईसाई धर्म अपना लो, सारे कष्ट दूर हो.. <<     KHABAR : खाद्य पदार्थों में मिलावट के विरुद्ध.. <<    
वॉइस ऑफ़ एमपी न्यूज़ चैनल में विज्ञापन के लिए..
August 21, 2026, 10:07 am
KHABAR : रत्तागढ़ खेड़ा की गौशाला पर अतिक्रमण का साया, गौसेवक लामबंद, प्रशासन से टकराव के आसार, पंजीकृत गौशाला होने का दावा, तहसीलदार ने दो बार जारी किया नोटिस, कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन, पढे़ पवन धाकड़ की खबर 

Share On:-

रतलाम। जिले के ग्रामीण अंचल के ग्राम रत्तागढ़ खेड़ा में इन दिनों गौशाला और शासकीय भूमि के अतिक्रमण को लेकर घमासान मचा हुआ है। एक ओर ग्रामीण तहसीलदार ने शासकीय भूमि पर बनी गौशाला को अतिक्रमण मानते हुए हटाने के आदेश जारी किए हैं, तो दूसरी ओर गौशाला संचालित करने वाली समिति इसे वर्षों पुरानी पंजीकृत गौशाला बताते हुए कार्रवाई को गौसेवा और धार्मिक भावनाओं पर कुठाराघात बता रही है।


मामले ने गुरुवार को तब तूल पकड़ लिया जब सिंधु अवतरणी गौशाला सेवा समिति के पदाधिकारी और बड़ी संख्या में समर्थक कलेक्टोरेट पहुंचे और कलेक्टर के नाम ज्ञापन सौंपा।


क्या है पूरा मामला
जानकारी के अनुसार ग्राम रत्तागढ़ खेड़ा में सिंधु अवतरणी गौशाला सेवा समिति द्वारा गौशाला का संचालन किया जा रहा है। समिति के अध्यक्ष महर्षि गुलाब गोकरण के अनुसार यह गौशाला पिछले कई वर्षों से निरंतर संचालित है। समिति विधिवत पंजीकृत है और गौशाला परिसर में बिजली का कनेक्शन भी वैध रूप से लिया गया है, जिसकी जानकारी राजस्व विभाग को भी है।


इसी बीच गांव के ही कुछ लोगों ने उक्त भूमि को शासकीय बताते हुए अतिक्रमण की शिकायत की। शिकायत के आधार पर ग्रामीण तहसीलदार द्वारा पहले 20 फरवरी और फिर 18 अगस्त को अतिक्रमण हटाने संबंधी नोटिस और आदेश जारी किए गए। आदेश जारी होते ही गौशाला से जुड़े लोगों में आक्रोश फैल गया।


गौसेवकों का पक्ष गायें कहां जाएंगी
ज्ञापन में समिति ने कहा है कि वर्तमान में गौशाला में कई गौवंश मौजूद हैं, जिनकी देखभाल समिति द्वारा की जा रही है। यदि प्रशासन द्वारा निर्माण हटाया जाता है तो सैकड़ों गौवंश बेघर हो जाएंगे और उनके जीवन पर संकट खड़ा हो जाएगा।


अध्यक्ष महर्षि गुलाब गोकरण ने कहा, ष्हम कोई भूमाफिया नहीं, गौसेवक हैं। हमने इस बंजर पड़ी जमीन पर गौशाला बनाकर गौसेवा का बीड़ा उठाया। प्रशासन को सब पता है। हम प्रशासन से मांग करते हैं कि मानवीय दृष्टिकोण अपनाते हुए इस कार्रवाई पर तुरंत रोक लगाई जाए।ष्


दूसरा पक्ष शासकीय भूमि पर कब्जा
वहीं विरोध करने वाले पक्ष का कहना है कि उक्त भूमि शासकीय रिकॉर्ड में दर्ज है और इस पर किसी भी प्रकार का स्थायी निर्माण अतिक्रमण की श्रेणी में आता है। उनका तर्क है कि गौसेवा की आड़ में सरकारी जमीन पर कब्जा नहीं किया जा सकता। इसी शिकायत पर तहसीलदार ने नियमानुसार कार्रवाई के आदेश दिए हैं।


प्रशासन के सामने धर्मसंकट
फिलहाल मामला जिला प्रशासन के पास है। कलेक्टर कार्यालय में ज्ञापन लेने के बाद आश्वासन दिया गया है कि पूरे मामले की जांच कर नियमानुसार उचित कार्रवाई की जाएगी।


इस पूरे घटनाक्रम के दौरान कलेक्टोरेट परिसर में नरेंद्र गिरि महाराज, योगी विनोद नाथ, मोहनसिंह सोलंकी, सुधीर, अभिनव, आशीष पाटीदार, गोविंद, अक्षय सहित बड़ी संख्या में गौसेवक और ग्रामीण मौजूद रहे।


अब सबकी निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि प्रशासन गौसेवा और राजस्व नियमों के बीच संतुलन कैसे बैठाता है।
 

VOICE OF MP
एडिटर की चुनी हुई ख़बरें आपके लिए
SUBSCRIBE