मंदसौर। जिले में गुरुवार दोपहर से शुरू हुआ बारिश का दौर शुक्रवार और शनिवार को भी जारी रहा। जिला मुख्यालय सहित अधिकांश क्षेत्रों में कहीं तेज तो कहीं रुक-रुककर बारिश हुई। बारिश के चलते तापमान में गिरावट आई और लोगों को गर्मी व उमस से राहत मिली।
शनिवार को जिले के 11 वर्षामापी केंद्रों पर कुल 303 मिमी बारिश दर्ज की गई। जिले में औसत बारिश 27.5 मिमी (1.08 इंच) रही। सबसे अधिक बारिश गरोठ में 73.2 मिमी दर्ज की गई।
गरोठ में 73.2, शामगढ़ में 58.4 मिमी बारिश-
शनिवार को गरोठ में 73.2 मिमी, शामगढ़ में 58.4 मिमी, भानपुरा में 44.2 मिमी और सुवासरा में 34.6 मिमी बारिश दर्ज की गई। सीतामऊ में 19.6 मिमी, संजीत और धुंधड़का में 18-18 मिमी, मंदसौर में 14 मिमी, मल्हारगढ़ और कयामपुर में 10-10 मिमी तथा भावगढ़ में 3 मिमी बारिश हुई।
सीजन में अब तक 627.4 मिमी औसत बारिश-
1 जून से 5 सितंबर तक जिले में कुल 6902 मिमी बारिश दर्ज की गई है। इस अवधि में जिले की औसत बारिश 627.4 मिमी (24.70 इंच) रही। पिछले साल इसी अवधि तक औसत बारिश 811.7 मिमी (31.96 इंच) दर्ज की गई थी।
इस वर्ष अब तक पिछले साल की तुलना में 184.3 मिमी यानी करीब 7.26 इंच कम बारिश हुई है। यह पिछले साल की तुलना में करीब 23 प्रतिशत कम है।
सीजन में अब तक धुंधड़का में सबसे अधिक 756 मिमी बारिश दर्ज की गई है। इसके बाद गरोठ में 723.2 मिमी, भानपुरा में 695.6 मिमी, शामगढ़ में 673.2 मिमी और सुवासरा में 642.9 मिमी बारिश हुई है। संजीत में सबसे कम 444 मिमी बारिश दर्ज की गई।
7 सितंबर तक बारिश के आसार-
मौसम विभाग के अनुसार जिले में 7 सितंबर तक बारिश का दौर जारी रह सकता है। 6 सितंबर को कुछ स्थानों पर हल्की बारिश के साथ गरज-चमक और बौछारें पड़ने की संभावना है। 7 सितंबर को भी कहीं-कहीं हल्की बारिश हो सकती है।
इसके बाद 8 और 9 सितंबर को बारिश की गतिविधियों में कमी आने तथा तापमान 30 से 31 डिग्री तक पहुंचने की संभावना है। 10 और 11 सितंबर को स्थानीय स्तर पर फिर हल्की बारिश या गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ सकती हैं।
मौसम बदला तो मौसमी बीमारियों के मरीज बढ़े-
बारिश और मौसम में बदलाव का असर लोगों की सेहत पर भी दिखाई दे रहा है। दिन में धूप, उमस और अचानक बारिश के कारण तापमान में उतार-चढ़ाव हो रहा है। जिला अस्पताल में इन दिनों सर्दी-जुकाम, खांसी, वायरल फीवर, गले में संक्रमण, दस्त और पेट दर्द की शिकायत लेकर मरीज पहुंच रहे हैं।
जिला अस्पताल के मेडिसिन विशेषज्ञ डॉ. आकाश चौधरी ने बताया कि मौसम बदलने के साथ संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है। इन दिनों सर्दी-जुकाम, खांसी, वायरल फीवर और गले के संक्रमण के मरीज सामने आ रहे हैं। दस्त और पेट दर्द की शिकायत वाले मरीज भी अस्पताल पहुंच रहे हैं।
उन्होंने लोगों को साफ और सुरक्षित पानी पीने, ताजा भोजन करने, मच्छरों से बचाव रखने और मौसम के अनुसार कपड़े पहनने की सलाह दी। साथ ही बुखार दो-तीन दिन तक बना रहने पर चिकित्सकीय परामर्श लेने की बात कही।