शामगढ़। भारतीय किसान संघ जिला गरोठ की समीक्षा बैठक मंगलवार को शामगढ़ में आयोजित हुई। बैठक में खेती-किसानी से जुड़े विभिन्न मुद्दों, किसानों की समस्याओं तथा आगामी संगठनात्मक कार्यक्रमों को लेकर विस्तार से चर्चा की गई।
15 सितंबर को तहसील स्तरीय ज्ञापन दिवस-
बैठक में मुख्य रूप से 15 सितंबर को आयोजित होने वाले तहसील स्तरीय ज्ञापन दिवस की तैयारियों पर चर्चा हुई। पदाधिकारियों ने निर्णय लिया कि कार्यक्रम की जानकारी गांव-गांव तक पहुंचाई जाएगी, ताकि अधिक से अधिक किसान इसमें शामिल होकर अपनी समस्याएं प्रशासन के समक्ष रख सकें।
फसल बीमा से वंचित किसानों का मुद्दा उठा
बैठक में फसल बीमा से वंचित किसानों की समस्या को प्रमुखता से उठाया गया। किसान नेताओं ने आरोप लगाया कि सैटेलाइट आधारित फसल आकलन और बीमा कंपनियों की कार्यप्रणाली के कारण किसानों को फसल बीमा का उचित लाभ नहीं मिल पा रहा है। संगठन ने इस मुद्दे को लेकर आंदोलन की रणनीति पर भी चर्चा की।
ज्ञापन से पहले पुतला दहन-
संगठन ने निर्णय लिया कि ज्ञापन दिवस से पहले बीमा कंपनी का पुतला दहन किया जाएगा। किसान नेताओं ने कहा कि फसल बीमा व्यवस्था में अनियमितताओं के खिलाफ संगठन किसानों के साथ मिलकर आवाज उठाएगा।
‘फसल बीमा नहीं तो प्रीमियम नहीं’
भारतीय किसान संघ ने ‘फसल बीमा नहीं तो प्रीमियम नहीं’ का नारा देते हुए कहा कि यदि किसानों को बीमा का लाभ नहीं मिलता है तो संगठन आंदोलन को और तेज करेगा। नेताओं ने चेतावनी दी कि जरूरत पड़ने पर बीमा कंपनियों के बहिष्कार का आह्वान भी किया जा सकता है।
बैठक में प्रांत सदस्य रघुनंदन पाटीदार, जिलाध्यक्ष कृपाल सिंह सोलंकी, जिला मंत्री रामनिवास बैरागी सहित गरोठ, भानपुरा, सुवासरा और शामगढ़ तहसील के अध्यक्ष एवं बड़ी संख्या में किसान पदाधिकारी मौजूद रहे।