नीमच। शासन की जनकल्याणकारी योजनाएं जरूरतमंद लोगों को स्वरोजगार से जोड़कर आत्मनिर्भर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। नीमच के शक्तिनगर विस्तार, बघाना निवासी भारत बनोधा पिता राधेश्याम के जीवन में भी संत रविदास स्वरोजगार योजना आर्थिक संबल लेकर आई और उनके अपने व्यवसाय का सपना साकार हुआ।
2.60 लाख रुपए का ऋण लेकर शुरू किया ऑटो व्यवसाय-
जिला अंत्यावसायी सहकारी विकास समिति के माध्यम से योजना का लाभ प्राप्त करते हुए भारत बनोधा को पंजाब नेशनल बैंक से 2 लाख 60 हजार रुपए का ऋण मिला। इस राशि से उन्होंने अपना ऑटो व्यवसाय शुरू किया। वर्तमान में वे इस व्यवसाय से प्रतिमाह लगभग 12 से 15 हजार रुपए की आय अर्जित कर रहे हैं। स्वरोजगार शुरू होने से उनके परिवार की आर्थिक स्थिति में सुधार आया है। साथ ही, आत्मविश्वास और स्वावलंबन की भावना भी मजबूत हुई है।
योजना से स्वरोजगार के लिए मिल रहा सहयोग-
संत रविदास स्वरोजगार योजना के माध्यम से पात्र हितग्राहियों को बैंक ऋण एवं शासकीय सहायता उपलब्ध कराकर व्यवसाय और स्वरोजगार स्थापित करने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है। जिले में कलेक्टर हिमांशु चंद्रा के मार्गदर्शन में विभिन्न स्वरोजगार योजनाओं का लाभ पात्र हितग्राहियों तक पहुंचाने और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने के प्रयास किए जा रहे हैं।
भारत बोलेकृसपना हुआ साकार
भारत बनोधा ने बताया कि शासन की योजना और जिला अंत्यावसायी सहकारी विकास समिति के सहयोग से अपना व्यवसाय शुरू करने का सपना साकार हुआ है। उन्होंने योजना से मिले लाभ के लिए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव एवं कलेक्टर हिमांशु चंद्रा के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि शासन की सहायता ने उन्हें अपने पैरों पर खड़े होने का अवसर दिया है।