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September 8, 2026, 7:08 pm
KHABAR : प्रोबेशन में 70-80-90 प्रतिशत वेतन व्यवस्था निरस्त, जबलपुर हाईकोर्ट का फैसला- 2019 के बाद नियुक्त कर्मचारियों को मिलेगा पूर्ण वेतन, पढे़ खबर

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जबलपुर। हाईकोर्ट ने प्रोबेशन में 70-80-90 प्रतिशत वेतन व्यवस्था को निरस्त करते हुए मध्य प्रदेश के हजारों कर्मचारियों को बड़ी राहत दी है। सुरक्षित रखे फैसले पर मंगलवार को एक्टिंग चीफ जस्टिस की डिवीजन बेंच ने कहा कि 25 नवंबर 2019 के बाद नियुक्त कर्मचारियों को पूर्ण वेतन मिलेगा।

कोर्ट ने शासकीय कर्मचारियों को प्रोबेशन अवधि के दौरान 70 प्रतिशत, 80 प्रतिशत और 90 प्रतिशत न्यूनतम वेतनमान दिए जाने की व्यवस्था को निरस्त कर दिया है।

न्यायालय ने स्पष्ट किया कि जब कर्मचारी से पद के अनुरूप पूरा कार्य लिया जा रहा है, तो उसे निर्धारित वेतनमान से कम वेतन देना उचित नहीं है।

21 कर्मचारियों ने आदेश को दी थी चुनौती
स्वास्थ्य विभाग में पदस्थ 21 कर्मचारियों ने राज्य सरकार के आदेश को हाईकोर्ट में चुनौती दी थी। कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति विवेक रूसिया एवं न्यायमूर्ति प्रदीप मित्तल की युगलपीठ ने 8 सितंबर 2026 को समान मुद्दे से संबंधित कई रिट याचिकाओं पर साझा आदेश पारित किया।

एक्टिंग चीफ जस्टिस की डिवीजन बेंच ने अपने आदेश में कहा कि 25 नवंबर 2019 के बाद नियुक्त संबंधित शासकीय कर्मचारियों को प्रोबेशन अवधि में किए गए कार्य के लिए पूर्ण वेतन का भुगतान किया जाए।

साथ ही ऐसे सभी नियमों और सर्कुलर को निरस्त कर दिया है, जिनमें प्रोबेशन के प्रथम, द्वितीय और तृतीय वर्ष में क्रमशः 70 प्रतिशत, 80 प्रतिशत और 90 प्रतिशत न्यूनतम वेतनमान देने का प्रावधान था।

कोर्ट ने कहा कि कर्मचारी निर्धारित भर्ती प्रक्रिया से चयनित होकर पद पर नियुक्त होता है और प्रोबेशन अवधि में भी उससे नियमित कर्मचारी की तरह कार्य लिया जाता है, इसलिए 100 प्रतिशत कार्य लेने के बावजूद केवल प्रोबेशन के आधार पर कम वेतन देना उचित नहीं है।

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