मंदसौर। कलेक्टर दिव्यांक सिंह की अध्यक्षता में जिला बाल कल्याण एवं संरक्षण समिति की त्रैमासिक बैठक सुशासन भवन के सभाकक्ष में आयोजित हुई। बैठक में कलेक्टर ने मंदसौर शहर को बाल भिक्षावृत्ति मुक्त बनाने के लिए प्रभावी कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
कलेक्टर ने कहा कि इसके लिए पुलिस, श्रम, चिकित्सा तथा महिला एवं बाल विकास विभाग की संयुक्त टीम गठित कर अभियान चलाया जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि भिक्षावृत्ति करते हुए बच्चे पाए जाने पर उन्हें संरक्षण में लेकर नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई की जाए।
अभिभावकों को समझाइश देने के निर्देश-
कलेक्टर ने कहा कि यदि भिक्षावृत्ति करते पाए गए बच्चों के माता-पिता हैं, तो उन्हें समझाइश दी जाए कि वे बच्चों से भिक्षावृत्ति न करवाएं। साथ ही बच्चों की शिक्षा एवं सुरक्षा को लेकर आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराया जाए। उन्होंने चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 पर बाल भिक्षावृत्ति की सूचना देने वाले लोगों को प्रोत्साहित करने के भी निर्देश दिए, ताकि ऐसे मामलों की जानकारी समय पर प्रशासन तक पहुंच सके।
बालिका गृह के बच्चों के दस्तावेज जल्द बनवाएं-
बैठक में कलेक्टर ने बालिका गृह ‘अपना घर’ में निवासरत बच्चों के सभी आवश्यक दस्तावेज तैयार करवाने की कार्रवाई तत्काल पूरी करने के निर्देश दिए। साथ ही बच्चों का समय-समय पर नियमित स्वास्थ्य परीक्षण कराने को कहा।
बाल संरक्षण योजनाओं की समीक्षा-
बैठक में मुख्यमंत्री बाल आशीर्वाद योजना, स्पॉन्सरशिप योजना, पीएम केयर्स फॉर चिल्ड्रन योजना, कोविड बाल सेवा योजना, आफ्टर केयर योजना एवं फोस्टर केयर योजना सहित बाल संरक्षण से संबंधित विभिन्न योजनाओं पर विस्तार से चर्चा की गई। कलेक्टर ने 18 वर्ष तक के विधि-विवादित किशोरों से संबंधित प्रकरणों का भी शीघ्र निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
चाइल्ड हेल्पलाइन के पोस्टर व स्टीकर का विमोचन-
बैठक के दौरान कलेक्टर दिव्यांक सिंह ने चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 से संबंधित स्टीकर एवं पोस्टरों का विमोचन किया। उन्होंने बाल संरक्षण से जुड़े सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ प्रभावी ढंग से कार्य करने के निर्देश दिए।
बैठक में महिला एवं बाल विकास कार्यक्रम अधिकारी अंकिता पंडया, समिति के सदस्य, किशोर न्याय बोर्ड के सदस्य, जिला विधिक सहायता अधिकारी, शिक्षा एवं खेल विभाग के प्रतिनिधि, वन स्टॉप सेंटर के अधिकारी-कर्मचारी तथा आईसीपीएस का अमला उपस्थित रहा।