नीमच। न्याय दिलाने की जिम्मेदारी संभालने वाले न्यायिक अधिकारियों, कर्मचारियों और अधिवक्ताओं के स्वास्थ्य की चिंता भी बुधवार को जिला न्यायालय परिसर में नजर आई। मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय के निर्देशानुसार संचालित ‘उल्लास’ कार्यक्रम के तहत जिला न्यायालय परिसर में वृहद नि:शुल्क स्वास्थ्य परीक्षण एवं रक्तदान शिविर आयोजित किया गया। शिविर में करीब 350 से 400 न्यायिक अधिकारियों, कर्मचारियों, अधिवक्ताओं एवं उनके परिजनों ने स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ लिया।
प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश वीरेंद्र सिंह राजपूत के मार्गदर्शन में आयोजित शिविर में सामान्य स्वास्थ्य परीक्षण के साथ शुगर, ब्लड प्रेशर, ईसीजी, रक्त जांच, नेत्र परीक्षण एवं हृदय संबंधी जांच की सुविधा उपलब्ध कराई गई। विशेषज्ञ चिकित्सकों ने स्वास्थ्य परीक्षण के साथ आवश्यक चिकित्सकीय परामर्श भी दिया।
न्यायालय की व्यस्तता के बीच स्वास्थ्य जांच की सुविधा
जिला विधिक सहायता अधिकारी प्रवीण कुमार ने बताया कि न्यायालयीन कार्यों की व्यस्तता के कारण कई बार न्यायिक अधिकारी, कर्मचारी और अधिवक्ता नियमित स्वास्थ्य जांच नहीं करा पाते। इसी को ध्यान में रखते हुए न्यायालय परिसर में ही स्वास्थ्य परीक्षण और विशेषज्ञ चिकित्सकीय परामर्श की सुविधा उपलब्ध कराई गई, ताकि संभावित स्वास्थ्य समस्याओं का समय रहते पता लगाया जा सके और आवश्यकता पड़ने पर आगे के उपचार के लिए संबंधित चिकित्सकों एवं अस्पतालों से समन्वय किया जा सके।
स्वास्थ्य जांच के साथ रक्तदान का संदेश-
शिविर में स्वास्थ्य जांच के साथ रक्तदान के प्रति जागरूकता का संदेश भी दिया गया। अधिवक्ताओं और न्यायालयीन कर्मचारियों ने उत्साह के साथ रक्तदान किया। जिला अभिभाषक संघ अध्यक्ष मनीष जोशी ने शिविर को सराहनीय पहल बताते हुए युवा अधिवक्ताओं सहित सभी से रक्तदान के लिए आगे आने की अपील की।
न्यायालय परिसर में स्थायी क्लीनिक की सुविधा-
अध्यक्ष मनीष जोशी ने बताया कि जिला न्यायालय परिसर में स्थायी क्लीनिक की सुविधा भी उपलब्ध कराई गई है। इससे न्यायालय आने वाले अधिवक्ताओं, पक्षकारों, कर्मचारियों एवं अन्य लोगों को आवश्यकता पड़ने पर प्राथमिक उपचार की सुविधा मिल सकेगी।