नीमच। कलेक्टर हिमांशु चंद्रा की अध्यक्षता में गुरुवार को कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में जिले के राजस्व अधिकारियों की समीक्षा बैठक आयोजित हुई। बैठक में राजस्व न्यायालयों में लंबित प्रकरणों, टीएल, सीएम हेल्पलाइन, नामांतरण, बंटवारा, सीमांकन, बटांकन, राजस्व वसूली, फॉर्मर रजिस्ट्री, नक्शा तरमीम, भू-अर्जन एवं शासकीय भूमि से संबंधित प्रकरणों की समीक्षा की गई।
कलेक्टर चंद्रा ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि राजस्व प्रकरणों का समय-सीमा में गुणवत्तापूर्ण निराकरण सुनिश्चित करें। आवश्यकतानुसार अधिकारी मौके पर पहुंचकर समस्याओं का समाधान करें, ताकि आमजन को अनावश्यक रूप से कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें। उन्होंने तीन एवं छह माह से अधिक समय से लंबित टीएल प्रकरणों का प्राथमिकता से निराकरण करने तथा निराकरण के बाद आदेश की प्रति संबंधित आवेदक को अनिवार्य रूप से भेजने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि राजस्व आदेश के बाद संबंधित तहसीलदार मौके पर उसका पालन सुनिश्चित करें। रास्ता विवाद, सीमांकन, नामांतरण, बंटवारा, बटांकन एवं परंपरागत रास्तों से जुड़े विवादों का भी मौके पर जाकर त्वरित निराकरण किया जाए। सभी एसडीएम इस माह राजस्व न्यायालयों में लंबित प्रकरणों का कम से कम 90 प्रतिशत निराकरण सुनिश्चित करें और जिले को राज्य स्तर पर अग्रणी स्थान पर लाने का प्रयास करें।
सीएम हेल्पलाइन की शिकायतों पर विशेष जोर-
कलेक्टर ने 50 दिन से अधिक समय से लंबित सीएम हेल्पलाइन शिकायतों का प्राथमिकता से निराकरण कर रैंकिंग में सुधार लाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि किसी शिकायत को डिमांड क्लोजर या फोर्स क्लोजर के लिए भेजने से पहले शिकायतकर्ता से व्यक्तिगत रूप से अथवा दूरभाष पर संपर्क कर संतुष्टिपूर्वक निराकरण सुनिश्चित किया जाए। लोक सेवा में कोई शिकायत लंबित नहीं होने पर उन्होंने अधिकारियों के कार्य की सराहना करते हुए स्थिति बनाए रखने के निर्देश दिए।
राजस्व वसूली में निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप लगातार कार्रवाई करने तथा वसूली में तेजी लाने को कहा गया। फॉर्मर रजिस्ट्री के लिए आगामी बैठक तक तहसीलवार निर्धारित लक्ष्य पूरा करने के निर्देश दिए गए। इसमें नीमच 1500, जीरन 2500, सिंगोली 3500, नीमच ग्रामीण 4000, जावद 4000, मनासा 5000 एवं रामपुरा 1500 का लक्ष्य निर्धारित है।
नक्शा तरमीम और भू-अर्जन की भी समीक्षा-
कलेक्टर ने शासकीय भूमियों में बटांकन एवं नक्शा तरमीम से संबंधित जानकारी तैयार कर कार्य प्राथमिकता से पूरा करने के निर्देश दिए। नक्शाविहीन ग्रामों में नक्शा निर्माण तथा मजरा-टोला संबंधी कार्य समय-सीमा में पूरा करने को कहा। फसल गिरदावरी एवं पीएम किसान ई-केवाईसी की नियमित समीक्षा करते हुए पीएम किसान से संबंधित शिकायतें किसी भी स्तर पर लंबित नहीं रखने के निर्देश दिए।
उन्होंने सिविल न्यायालयों में लंबित शासकीय भूमि के प्रकरणों, अवमानना प्रकरणों, वन-राजस्व सीमा विवादों तथा भू-अर्जन प्रकरणों की भी नियमित समीक्षा कर समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा।
कलेक्टर चंद्रा ने कहा कि राजस्व प्रशासन का मूल उद्देश्य आमजन को त्वरित न्याय और समय पर राहत उपलब्ध कराना है। अधिकारी प्रकरणों की नियमित मॉनिटरिंग करें और जहां आवश्यक हो, मौके पर पहुंचकर समस्या का समाधान सुनिश्चित करें।
बैठक में अपर कलेक्टर बीएस कलेश, एसडीएम नीमच पराग जैन, एसडीएम जावद संजीव साहू, एसडीएम मनासा किरण आंजना, डिप्टी कलेक्टर चंद्रसिंह धार्वे, श्रुति भयड़िया, मयूरी जॉक सहित जिले के सभी तहसीलदार एवं राजस्व अधिकारी उपस्थित रहे।