धार। कम बारिश और खेती से जुड़ी समस्याओं को लेकर भारतीय किसान संघ ने जिले में किसान आंदोलन की तैयारी की है। संगठन की ओर से सभी तहसीलों में किसानों को जुटाकर रैली निकाली जाएगी और प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री व कलेक्टर के नाम ज्ञापन सौंपा जाएगा। धार तहसील में आंदोलन 14 सितंबर को होगा, जबकि बाकी तहसीलों में 15 सितंबर को रैली निकाली जाएगी।
सूखाग्रस्त घोषित करने और फसल के सही दाम की मांग
किसान धार जिले को सूखाग्रस्त घोषित कर राहत देने की मांग करेंगे। इसके साथ ही कृषि उपज के लागत के हिसाब से दाम तय करने और किसानों के हित में फसलों की आयात-निर्यात नीति में बदलाव की मांग रखी जाएगी। रबी सीजन के लिए कम पानी में तैयार होने वाली फसलों के बीज पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध कराने की भी मांग है।
नर्मदा का पानी गांवों तक पहुंचाने की मांग
सिंचाई के लिए नर्मदा का पानी जिले के गांवों तक पहुंचाने की मांग आंदोलन में प्रमुख रहेगी। किसान घोड़ा रोज की समस्या से निजात दिलाने और खाद के बढ़े दाम कम करने की मांग भी करेंगे। डीएपी, यूरिया और 12ः32ः16 खाद समय पर उपलब्ध कराने के साथ पहले से पर्याप्त स्टॉक रखने की मांग की जाएगी।
14 घंटे थ्री-फेज बिजली की मांग
किसान सिंचाई के लिए 14 घंटे थ्री-फेज बिजली देने की मांग करेंगे। जले ट्रांसफॉर्मर 24 घंटे में बदलने के लिए एंबुलेंस सेवा शुरू करने और मुख्यमंत्री अनुदान वाली ट्रांसफॉर्मर योजना दोबारा शुरू करने की मांग भी ज्ञापन में शामिल रहेगी।
जमीन अधिग्रहण में चार गुना मुआवजे की मांग
भूमि अधिग्रहण के मामलों में किसानों की सहमति के बिना जमीन नहीं लेने की मांग रखी जाएगी। अधिग्रहण से पहले किसानों को सूचना देने और वर्तमान बाजार भाव का चार गुना मुआवजा देने की मांग भी है।
इसके अलावा बलराम तालाब योजना और खेत सड़क योजना दोबारा शुरू करने, फसल बीमा में खेत को इकाई मानने, प्याज-लहसुन का पूरे साल निर्यात सुनिश्चित करने और फसल नुकसान का मुआवजा देने की मांग की जाएगी।
जैविक खेती को बढ़ावा देने पर जोर
भारतीय किसान संघ जैविक खेती को बढ़ावा देने के लिए किसानों को आर्थिक मदद और जैविक उत्पादों के लिए बाजार शुरू करने की मांग भी रखेगा। जिला मंत्री अमोल पाटीदार ने किसानों से आंदोलन में अधिक संख्या में शामिल होने की अपील की है।