मंदसौर। यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस के आह्वान पर शुक्रवार को मंदसौर में सरकारी एवं क्षेत्रीय बैंकों के करीब 400 कर्मचारी हड़ताल पर रहे। कर्मचारियों ने गांधी चौराहे पर प्रदर्शन कर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और लंबित मांगों के निराकरण की मांग की। इस दौरान कर्मचारियों ने गांधीजी की प्रतिमा की परिक्रमा कर भी विरोध जताया।
कर्मचारियों की प्रमुख मांगों में 5-डे बैंकिंग लागू करना और पीएलआई (परफॉर्मेंस लिंक्ड इंसेंटिव) योजना में बदलाव शामिल है। कर्मचारियों ने पीएलआई योजना को वापस लेने या इसके क्रियान्वयन पर रोक लगाने की मांग की। साथ ही यूनियनों से चर्चा कर योजना में आवश्यक बदलाव करने की बात कही।
मार्च 2024 में मिला था 5-डे बैंकिंग का भरोसा
बैंक कर्मचारियों का कहना है कि मार्च 2024 में सरकार की ओर से लिखित रूप से 5-डे बैंकिंग लागू करने का भरोसा दिया गया था। इसके बावजूद अब तक निर्णय नहीं होने पर कर्मचारियों ने इसे समझौते और भरोसे का उल्लंघन बताया।
मध्यप्रदेश बैंक एम्प्लॉइज संगठन के सहायक महासचिव गजेंद्र तिवारी ने कहा कि 5-डे बैंकिंग कर्मचारियों की प्रमुख मांग है। उनके अनुसार करीब ढाई वर्ष पहले हुए समझौते में इसे छह महीने के भीतर लागू करने की बात कही गई थी, लेकिन अब तक अमल नहीं हुआ।
PLI में बदलाव की मांग
स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के महेंद्र सिंह चंद्रावत ने कहा कि कर्मचारियों को पीएलआई योजना के मौजूदा स्वरूप को लेकर आपत्ति है। उनके अनुसार योजना में बैंक के मुनाफे के आधार पर कर्मचारियों को इंसेंटिव देने की व्यवस्था है, लेकिन इसके लागू होने के तरीके को लेकर कर्मचारियों में असहमति है। उन्होंने कहा कि बैंक कर्मचारी संगठन पीएलआई में आवश्यक बदलाव की मांग लगातार उठाता रहेगा।
कविता राठौर ने कहा कि कर्मचारी पीएलआई योजना का विरोध कर रहे हैं और इसमें कथित भेदभाव को स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि कर्मचारी एकजुट होकर अपनी मांगों को लेकर संघर्ष जारी रखेंगे। प्रदर्शन के दौरान अन्य लंबित मांगों के शीघ्र समाधान की भी मांग की गई।