BREAKING NEWS
NMH MANDI : एक क्लिक में पढ़े कृषि उपज मंडी नीमच के.. <<     BIG NEWS : त्योहारों में मिठाई खरीदने से पहले हो.. <<     NEWS : पंचायत समिति सदस्य चुनाव, जिले की छह.. <<     BIG REPORT : पुलिस चौकी के सामने चेकिंग में व्यस्त.. <<     KHABAR : स्वास्थ्य विभाग के कामकाज का होगा पूरा.. <<     BIG NEWS : शतरंज की चालों से निखर रही विद्यार्थियों.. <<     KHABAR : मनासा में ट्रैक्टर ने कार को मारी जोरदार.. <<     MANDI BHAV : एक क्लिक में पढ़े कृषि उपज मंडी मनासा के.. <<     BIG NEWS : नीमच के व्यस्त चौराहे पर थम गई रफ्तार,.. <<     KHABAR : बुन्देली गायक सुनील लोधी की आंखों का इलाज.. <<     REPORT : गरोठ में मिलावट के शक पर प्रशासन का बड़ा.. <<     BIG REPORT : अवैध मदिरा कारोबार के खिलाफ आबकारी.. <<     KHABAR : सांदीपनि विद्यालय जावद में कलेक्टर.. <<     KHABAR : दोहरे हत्याकांड में खाकी की थ्योरी.. <<     BIG NEWS : मध्यप्रदेश कांग्रेस सेवादल की नई.. <<     KHABAR : बच्चों की सुरक्षा के लिए न्यायिक टीम.. <<    
वॉइस ऑफ़ एमपी न्यूज़ चैनल में विज्ञापन के लिए..
September 13, 2026, 12:16 pm
KHABAR : सुप्तेश्वर कल्कि गणेश मंदिर में 12 दिवसीय उत्सव, 14 सितंबर से होगा शुरू, घोड़े पर सवार हैं बप्पा और धरती में समाया है स्वरूप, पढे़ खबर

Share On:-

जबलपुर। एकता विहार, रतन नगर रोड स्थित श्री सुप्तेश्वर (कल्कि) गणेश मंदिर में 12 दिवसीय गणेशोत्सव की तैयारियां पूरी हो चुकी हैं। श्री सुप्तेश्वर विकास समिति 14 सितंबर, सोमवार को भगवान श्री गणेश जन्मोत्सव के साथ धार्मिक आयोजनों की शुरुआत करेगी।

इस दौरान अखंड रामायण पाठ, भजन संध्या, महाआरती, छप्पन भोग, सांस्कृतिक प्रस्तुतियां, प्रतियोगिताएं और स्वास्थ्य शिविर आयोजित किए जाएंगे। उत्सव से पहले निकाली गई संध्या फेरी का नर्मदा सभा, शक्ति नगर समेत कई जगहों पर भव्य स्वागत हुआ।

मंदिर की प्रमुख विशेषता यहां स्थापित भगवान गणेश की शिला है, जिसे कल्कि स्वरूप माना जाता है। इसमें भगवान गणेश घोड़े पर सवार हैं। उनका केवल ऊपरी हिस्सा ही दर्शनीय है, जबकि बाकी स्वरूप धरती के भीतर समाया हुआ है।

धार्मिक मान्यता के अनुसार, यहां लगातार 40 दिनों तक दर्शन और पूजन करने से मनोकामनाएं पूरी होती हैं। मंदिर में हर तीन महीने में भगवान को 25 किलो सिंदूर चढ़ाया जाता है। साथ ही 32 मीटर की माला और 32 मीटर का वस्त्र पहनाया जाता है।

सपने में मिला आदेश, 1989 से परंपरा जारी
मंदिर के इतिहास के अनुसार, संस्थापक सुधा अविनाश राजे को भगवान ने स्वप्न में दर्शन देकर मंदिर निर्माण का निर्देश दिया था। स्वप्न में बताए स्थान पर पहुंचकर श्रद्धालुओं ने 4 सितंबर 1989 को गीला सिंदूर लगाकर पूजन किया था। इसके बाद से यह परंपरा लगातार जारी है।

24 घंटे खुला मंदिर, सुबह-शाम होती आरती
पुजारी हिमांशु तिवारी ने बताया कि मंदिर 24 घंटे खुला रहता है। यहां प्रतिदिन सुबह 7 बजे और शाम 7 बजे आरती होती है। इसके साथ अभिषेक, वस्त्र-फूल माला चढ़ाने, भजन-कीर्तन और प्रसादी भोग की व्यवस्था रहती है।

VOICE OF MP
एडिटर की चुनी हुई ख़बरें आपके लिए
SUBSCRIBE