नीमच। पर्यावरण संरक्षण एवं प्राकृतिक संसाधनों के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से मध्यप्रदेश जन अभियान परिषद, नीमच द्वारा ‘सिद्ध गणेश-माटी गणेश’ अभियान के अंतर्गत स्वामी विवेकानंद शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय, नीमच में माटी गणेश प्रतिमा निर्माण प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में प्रतिभागियों को मिट्टी से गणेश प्रतिमा बनाने के साथ पर्यावरण अनुकूल गणेशोत्सव मनाने का संदेश दिया गया।
कार्यक्रम में महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. प्रशांत मिश्रा, विभागाध्यक्ष प्रो. डॉ. संजय जोशी एवं बाल कल्याण समिति के सदस्य प्रवीण शर्मा अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को मिट्टी से गणेश प्रतिमा बनाने की विधि, प्राकृतिक सामग्री के उपयोग तथा पर्यावरण हितैषी गणेश उत्सव के महत्व की जानकारी दी गई। प्रशिक्षक माया दवे ने प्रतिमा निर्माण की प्रक्रिया का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया।
प्राचार्य डॉ. प्रशांत मिश्रा ने कहा कि गणेश उत्सव हमारी आस्था और संस्कृति से जुड़ा महत्वपूर्ण पर्व है। इसे पर्यावरण अनुकूल तरीके से मनाकर धार्मिक परंपराओं के साथ प्रकृति संरक्षण का संदेश भी दिया जा सकता है। उन्होंने सभी से स्वयं माटी गणेश बनाने तथा परिवार एवं आसपास के लोगों को भी मिट्टी की गणेश प्रतिमा अपनाने के लिए प्रेरित करने का आह्वान किया।
प्रो. डॉ. संजय जोशी ने कहा कि मिट्टी से निर्मित गणेश प्रतिमाएं प्राकृतिक रूप से जल में घुल जाती हैं, जिससे जल स्रोतों और पर्यावरण पर प्रतिकूल प्रभाव को कम किया जा सकता है। उन्होंने ‘माटी गणेशदृसिद्ध गणेश’ अभियान को आस्था और पर्यावरण संरक्षण को जोड़ने वाली सराहनीय पहल बताया।
कार्यक्रम में प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और पर्यावरण संरक्षण, जल स्रोतों की स्वच्छता तथा प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण के प्रति जागरूक रहने का संकल्प लिया। स्वागत परामर्शदाता राजकुमारी चौधरी ने किया। संचालन पवन कुमरावत ने किया, जबकि आभार परामर्शदाता विनोद राठौर ने व्यक्त किया।