उज्जैन। जनपद पंचायत तराना के सदस्य पद के वार्ड क्रमांक 25 के उपनिर्वाचन वर्ष 2026 (पूर्वार्द्ध) के प्रेक्षण के लिए राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा सेवानिवृत्त भारतीय प्रशासनिक सेवा के वरिष्ठ अधिकारी डॉ. श्रीकांत पाण्डे को प्रेक्षक नियुक्त किया गया है। डॉ. पाण्डे सोमवार को जिला मुख्यालय उज्जैन पहुंचे और तराना में स्थानीय अधिकारियों के साथ निर्वाचन तैयारियों की विस्तृत समीक्षा की।
बैठक में एसडीएम अनिरुद्ध मिश्रा, एसडीओ पुलिस राहुल खरे, रिटर्निंग ऑफिसर लखन सोनानिया तथा सहायक रिटर्निंग ऑफिसर टीना मालवीय उपस्थित रहे। बैठक में उपनिर्वाचन की संपूर्ण प्रक्रिया, आदर्श आचरण संहिता के पालन, मतदान केंद्रों की तैयारियों, मतदान कर्मियों के प्रशिक्षण, आईईएमएस 2.0 (Integrated Election Management System 2.0) के उपयोग तथा शिकायत निराकरण व्यवस्था की समीक्षा की गई।
दो चरणों में जिले में रहेंगे प्रेक्षक-
राज्य निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार डॉ. पाण्डे प्रथम चरण में 14 से 18 सितंबर 2026 तथा द्वितीय चरण में 28 सितंबर से 3 अक्टूबर 2026 तक जिले में प्रेक्षक के रूप में पदस्थ रहेंगे। इस दौरान वे चुनाव प्रचार-प्रसार, निर्वाचन तैयारियों तथा विशेष शिकायतों एवं समस्याओं पर नजर रखेंगे। उनका उद्देश्य निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार स्वतंत्र एवं निष्पक्ष वातावरण में मतदान सुनिश्चित कराने में सहयोग करना होगा।
आईईएमएस 2.0 से संचालित होगी निर्वाचन प्रक्रिया-
पंचायत उपनिर्वाचन की सूचना जारी होने से लेकर परिणाम घोषित होने तक की समस्त प्रक्रियाएं राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा निर्धारित ऑनलाइन एप्लीकेशन आईईएमएस 2.0 के माध्यम से संचालित की जाएंगी। प्रेक्षण कार्य के ऑनलाइन प्रतिवेदन के लिए आयोग ने ‘प्रेक्षा ऐप’ तैयार किया है।
प्रेक्षक द्वारा निर्धारित समय-सीमा के अनुसार जिले में पहुंचने के बाद, नाम निर्देशन पत्रों की संवीक्षा एवं प्रतीक आवंटन, अभ्यर्थियों की बैठक, मतदान कर्मियों के प्रशिक्षण एवं मतदान की तैयारी, मतदान समाप्ति, मतगणना तथा परिणाम घोषणा के बाद की रिपोर्ट ऐप के माध्यम से आयोग को भेजी जाएगी। महत्वपूर्ण घटनाओं से संबंधित रिपोर्ट भी आवश्यकतानुसार प्रेषित की जाएगी। ऑफलाइन प्रतिवेदन मान्य नहीं होंगे।
अभ्यर्थियों और राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों से करेंगे चर्चा-
प्रेक्षक डॉ. पाण्डे अभ्यर्थियों एवं मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों से मुलाकात कर उनकी शिकायतें एवं सुझाव सुनेंगे। मतदाताओं को धमकी दिए जाने अथवा उन्हें मतदान से वंचित करने संबंधी शिकायत मिलने पर वे संबंधित क्षेत्र का निरीक्षण कर वस्तुस्थिति का आकलन करेंगे।
आवश्यकता पड़ने पर प्रेक्षक द्वारा जिला निर्वाचन अधिकारी एवं राज्य निर्वाचन आयोग को तत्काल प्रतिवेदन भेजा जाएगा। निर्वाचन प्रक्रिया को निष्पक्ष, पारदर्शी एवं निर्धारित नियमों के अनुसार संपन्न कराने के लिए प्रेक्षक द्वारा लगातार निगरानी रखी जाएगी।