मनासा। सांदीपनि विद्यालय मनासा में उमंग दिवस उत्साह के साथ मनाया गया। कार्यक्रम की शुरुआत सरस्वती वंदना और उमंग एंथम के साथ हुई। उमंग गतिविधि प्रभारी घनश्याम शर्मा ने विद्यार्थियों को उमंग गतिविधियों एवं जीवन कौशल के विभिन्न तरीकों से परिचित कराया। उन्होंने छात्र जीवन और विद्यालयी शिक्षा में जीवन कौशल के महत्व के साथ इस वर्ष की थीम “उमंग है तो जीवन में रंग है” की जानकारी दी।
विद्यार्थियों ने विभिन्न गतिविधियों में लिया भाग-
कार्यक्रम में गरिमा तुगनावत ने बालक-बालिकाओं के अलग-अलग समूह बनाकर कानाफूसी (समालोचनात्मक चिंतन) से संबंधित रोचक गतिविधि कराई। स्नेहलता बिश्नोई और प्रियंका अग्रवाल के मार्गदर्शन में छात्राओं ने नृत्य प्रस्तुत किया। वहीं रीना फोफरिया के मार्गदर्शन में विद्यार्थियों ने क्रोध पर नियंत्रण और हिंसा से दूरी का संदेश नाटक के माध्यम से दिया।
सरोज परिहार ने उमंग दिवस के अवसर पर विद्यार्थियों को गुड टच और बैड टच के संबंध में जानकारी दी तथा सुरक्षित व्यवहार के प्रति जागरूक किया।
मुख्य अतिथि ने मोबाइल से दूरी और लेखन का दिया संदेश-
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि पूर्व मुख्य चिकित्सा अधिकारी एवं शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. आर.के. जोशी ने सरस्वती पूजन किया। अपने उद्बोधन में उन्होंने विद्यार्थियों को सदैव सुरक्षित और सक्रिय रहने की सलाह दी। उन्होंने विद्यार्थियों से संवाद करते हुए लेखन के महत्व और मोबाइल से दूरी बनाए रखने का संदेश दिया। साथ ही अपने जीवन के अनुभव एवं जीवन मूल्यों को विद्यार्थियों के साथ साझा किया। इसके बाद डॉ. जोशी ने विद्यार्थियों को उमंग दिवस की शपथ दिलाई।
प्रश्न मंच में विद्यार्थियों ने दिखाई प्रतिभा-
उमंग दिवस के तहत उमंग प्रश्न मंच गतिविधि आयोजित की गई, जिसमें विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। गतिविधि का नेतृत्व घनश्याम शर्मा, सरोज परिहार और राघवेंद्र शर्मा ने किया, जबकि अनिल शर्मा ने निर्णायक की भूमिका निभाई। विजेता विद्यार्थियों को मोनिका श्रीवास्तव, राखी शर्मा, विक्रम राव एवं अन्य स्टाफ सदस्यों ने पुरस्कार प्रदान किए।
कार्यक्रम में करीब 800 विद्यार्थियों की उपस्थिति रही। प्राचार्य बी.एल. बसर ने आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम का संचालन घनश्याम शर्मा ने किया। उमंग एंथम के सामूहिक गायन के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।