नीमच। अंतरराष्ट्रीय सांकेतिक भाषा दिवस के अवसर पर बुधवार को जिला अस्पताल के सामने स्थित रेडक्रॉस परिसर, नीमच में जिला स्तरीय कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य सांकेतिक भाषा के महत्व के प्रति जनजागरूकता बढ़ाने के साथ बधिर एवं श्रवण बाधित व्यक्तियों के मानव अधिकारों एवं संवाद के अधिकार के प्रति समाज को जागरूक करना रहा।
कार्यक्रम के दौरान दिव्यांगजनों की प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने के लिए विभिन्न प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। इनमें चित्रकला, एकल नृत्य, समूह नृत्य एवं गायन सहित अन्य गतिविधियां शामिल रहीं। प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्वक भाग लेकर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया।
आयोजन के दौरान भारतीय रेडक्रॉस सोसायटी, नीमच की ओर से कार्यक्रम में शामिल होने वाले दिव्यांगजनों के लिए भोजन की व्यवस्था भी की गई। कार्यक्रम के माध्यम से सांकेतिक भाषा के प्रति जागरूकता बढ़ाने के साथ दिव्यांगजनों को समाज की मुख्यधारा से जोड़ने का संदेश दिया गया।
जिला प्रशासन ने समावेशी समाज के निर्माण के लिए सभी वर्गों से सहभागिता का आह्वान किया। कार्यक्रम में सांकेतिक भाषा को संवाद का प्रभावी माध्यम बनाने तथा दिव्यांगजनों के अधिकारों के प्रति संवेदनशीलता बढ़ाने पर जोर दिया गया।