राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) की वार्षिक अखिल भारतीय कार्यकारी मंडल बैठक इस बार मध्य प्रदेश के इंदौर में होगी। तीन दिवसीय बैठक 3 से 5 अक्टूबर तक चलेगी। संघ की इस बैठक को ‘दीवाली बैठक’ भी कहा जाता है। इसमें देशभर के सभी 46 प्रांतों के पदाधिकारियों के शामिल होने की संभावना है।
बैठक ऐसे समय हो रही है, जब RSS अपने शताब्दी वर्ष के अंतिम चरण में है। संघ ने अक्टूबर 2025 में स्थापना के 100 वर्ष पूरे किए थे और शताब्दी वर्ष के कार्यक्रम 20 अक्टूबर 2026, विजयादशमी तक चलने हैं। ऐसे में इंदौर की बैठक को शताब्दी वर्ष के दौरान होने वाली आखिरी बड़ी संगठनात्मक बैठकों में से एक माना जा रहा है।
शताब्दी वर्ष के फैसलों और गतिविधियों की समीक्षा
बैठक में संघ की ओर से चलाए जा रहे विभिन्न अभियानों और गतिविधियों की समीक्षा की जाएगी। इसके साथ ही शताब्दी वर्ष के दौरान लिए गए निर्णयों को जमीन पर लागू करने की स्थिति पर भी चर्चा होगी। देशभर से आए पदाधिकारी अपने-अपने क्षेत्रों में चल रही संगठनात्मक गतिविधियों की जानकारी साझा करेंगे और आगे की कार्ययोजना पर मंथन करेंगे।
संगठन के ढांचे में बदलाव पर भी चर्चा
इंदौर की बैठक संगठनात्मक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है। सूत्रों के मुताबिक संघ के मौजूदा संगठनात्मक ढांचे में प्रस्तावित बदलावों को बैठक के बाद लागू करने की प्रक्रिया शुरू हो सकती है। प्रस्तावित बदलाव में ‘प्रांत प्रचारक’ व्यवस्था की जगह ‘संभाग प्रचारक’ व्यवस्था लाने की बात सामने आई है। हालांकि, इसके अंतिम स्वरूप और क्रियान्वयन को लेकर बैठक में चर्चा के बाद स्थिति स्पष्ट होगी।