नीमच। हिंदू-मुस्लिम एकता और आपसी भाईचारे की मिसाल पेश करने वाला मामला नीमच में सामने आया। दुलाखेड़ा निवासी सुरेश सिंह, जिन्हें लोग ठाकुर साहब के नाम से जानते थे, का उपचार के दौरान निधन हो गया। सुरेश सिंह पिछले करीब 35 वर्षों से जब्बार भाई कुरैशी की जीप चलाते थे।
सुरेश सिंह के निधन के बाद उनके परिजनों की उपस्थिति में जब्बार भाई कुरैशी सहित मुस्लिम समाज के लोगों ने उनके अंतिम संस्कार की जिम्मेदारी निभाई। मुस्लिम समाजजनों ने अपने खर्च से नीमच सिटी स्थित मुक्तिधाम में हिंदू रीति-रिवाज के अनुसार सुरेश सिंह का अंतिम संस्कार कराया।
इस दौरान परिवार के सदस्य भी मौजूद रहे। लंबे समय से चले आ रहे पारिवारिक एवं मानवीय संबंधों को निभाते हुए जब्बार भाई कुरैशी और मुस्लिम समाजजनों की इस पहल को क्षेत्र में भाईचारे और मानवता की मिसाल के रूप में देखा गया। इस संबंध में जानकारी सामाजिक कार्यकर्ता मोहम्मद शकील कुरैशी ने दी।