ओंकारेश्वर। ज्योतिर्लिंग नगरी ओंकारेश्वर में अखिल भारतीय दशोरा नागर समाज धर्मशाला ट्रस्ट के तत्वावधान में आयोजित 32वें संगीतमय श्रीमद्भागवत ज्ञान यज्ञ सप्ताह के पांचवें दिन बुधवार को भगवान श्रीकृष्ण का जन्मोत्सव श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया गया। कथा का आयोजन 18 से 26 सितंबर 2026 तक किया जा रहा है।
कथा व्यास पंडित दिलीप चंद्र तारे (उमरखली वाले) ने जैसे ही मधुर भजनों के साथ भगवान श्रीकृष्ण के जन्म का प्रसंग सुनाया, पूरा कथा पंडाल नंद घर आनंद भयो, जय कन्हैया लाल की के जयघोष से गूंज उठा। भगवान श्रीकृष्ण के बाल स्वरूप को फूलों से सजे दिव्य पालने में विराजित किया गया। श्रद्धालुओं ने पालना झुलाकर भगवान का आशीर्वाद लिया।
जन्मोत्सव के बाद ओंकार पुल से समाज की धर्मशाला तक भव्य शोभायात्रा निकाली गई। शोभायात्रा में मुख्य यजमान दिनेश मण्डलोई एवं दुर्गा दिनेश मण्डलोई (ऊन) के सुपुत्र लोकेश मण्डलोई ने वासुदेव का स्वरूप धारण कर बाल कृष्ण को टोकरी में सिर पर विराजित किया और नर्मदा पुल पार करते हुए आगे बढ़े।
ढोल-ताशों की थाप और भक्ति गीतों के बीच दशोरा समाज के श्रद्धालु नाचते-गाते हुए धर्मशाला पहुंचे। यहां नंदोत्सव मनाया गया। पूरे मार्ग में भगवान श्रीकृष्ण के जयकारे गूंजते रहे और वातावरण भक्तिमय बना रहा।
कार्यक्रम में प्रदेश सचिव आरती गुप्ता (सनावद), आयोजन समिति अध्यक्ष अरुण कुमार दशोरे, सचिव अशोक कुमार गुप्ता सहित बड़ी संख्या में समाजजन और श्रद्धालु उपस्थित रहे। कार्यक्रम के अंत में सभी श्रद्धालुओं को पंजीरी और पंचामृत का प्रसाद वितरित किया गया।