चित्तौड़गढ़। साइबर अपराधों की रोकथाम एवं आमजन को डिजिटल रूप से जागरूक करने के उद्देश्य से जिला पुलिस की साइबर टीम ने बुधवार को अटल सेवा केंद्र, धनेत कला में राजीविका ग्रामीण विकास परिषद एवं स्वयं सहायता समूह से जुड़ी महिलाओं के लिए साइबर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया।
जिला पुलिस अधीक्षक धर्मेंद्र सिंह के निर्देश एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अशोक कुमार सिकाऊ के सुपरविजन में आयोजित कार्यक्रम में उप पुलिस अधीक्षक रविन्द्र प्रताप सिंह के नेतृत्व में साइबर पुलिस टीम ने महिलाओं को विभिन्न प्रकार के साइबर अपराधों और उनसे बचाव के उपायों की जानकारी दी।
ऑनलाइन ठगी से बचाव के बताए तरीके-
साइबर पुलिस टीम ने ऑनलाइन ठगी, फर्जी कॉल, केवाईसी अपडेट के नाम पर धोखाधड़ी, ओटीपी एवं यूपीआई पिन साझा करने, फर्जी लिंक, डिजिटल अरेस्ट, सोशल मीडिया फ्रॉड तथा ऑनलाइन लोन के नाम पर होने वाली धोखाधड़ी के बारे में जागरूक किया।
टीम ने बताया कि साइबर ठगी करने वाले लोग कई बार बैंक अधिकारी, पुलिस अधिकारी, रिश्तेदार या कस्टमर केयर कर्मचारी बनकर फोन करते हैं और भय या लालच का माहौल बनाकर ओटीपी, एटीएम पिन, सीवीवी, बैंक खाता विवरण एवं यूपीआई पिन जैसी गोपनीय जानकारी हासिल करने का प्रयास करते हैं। महिलाओं को अनजान लिंक पर क्लिक करने, अनजान एप्लीकेशन या एपीके फाइल डाउनलोड करने तथा बिना सत्यापन के ऑनलाइन भुगतान करने से बचने की सलाह दी गई।
ठगी होने पर तुरंत 1930 पर करें शिकायत-
पुलिस टीम ने साइबर ठगी का शिकार होने की स्थिति में तत्काल साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज कराने तथा नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल के माध्यम से शिकायत करने की जानकारी दी। महिलाओं से अपने परिवार एवं आसपास के लोगों को भी साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक करने का आह्वान किया गया।
कार्यक्रम में महिलाओं ने साइबर अपराधों से जुड़े विभिन्न सवाल पूछे, जिनका साइबर पुलिस टीम ने समाधान किया। कार्यक्रम में महिला हेड कांस्टेबल ललिता (नंबर 471) एवं कांस्टेबल रामनिवास (नंबर 1057) सहित साइबर पुलिस टीम मौजूद रही।