नीमच। यू-शेप मार्केट स्थित जोरबा इंफोटेक की दुकानों को लेकर नगरपालिका की कार्रवाई के बाद मामला फिर चर्चा में आ गया है। नगरपालिका के अनुसार भवन एवं निर्माण संबंधी शिकायत पर किए गए निरीक्षण में स्वीकृत नक्शे से अलग निर्माण सहित अन्य अनियमितताएं सामने आने के बाद सीलिंग की कार्रवाई की गई। वहीं, दुकान संचालक प्रेमसागर मुलचंदानी ने नगरपालिका की कार्रवाई पर आपत्ति जताते हुए अधिकारियों के समक्ष आवेदन प्रस्तुत किया है। उन्होंने कार्रवाई को लेकर पूर्व में जारी नोटिस का पालन किए जाने का दावा करते हुए दुकानों को सील से मुक्त करने की मांग की है। साथ ही आवेदन में कुछ पत्रकारों पर उनके खिलाफ शिकायत करने के आरोप लगाए हैं। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
शिकायत के बाद नगरपालिका ने किया निरीक्षण-
नगरपालिका से प्राप्त जानकारी के अनुसार, जोरबा इंफोटेक के भवन निर्माण एवं व्यावसायिक गतिविधियों को लेकर शिकायत प्राप्त हुई थी। शिकायत में स्वीकृत नक्शे के विपरीत निर्माण तथा बेसमेंट बनाए जाने का आरोप लगाया गया था। इसके बाद नगरपालिका की अतिक्रमण निरोधक टीम, नगर नियोजन एवं भवन शाखा के अधिकारियों ने मौके का निरीक्षण किया।
नगरपालिका के अनुसार, निरीक्षण के दौरान मौके पर मौजूद निर्माण का स्वीकृत नक्शे एवं उपलब्ध रिकॉर्ड से मिलान किया गया। इसमें निर्माण संबंधी अनियमितताएं पाए जाने की बात सामने आई। नगरपालिका की ओर से इसी आधार पर सीलिंग की कार्रवाई किए जाने की जानकारी दी गई है।
तीन दुकानों पर सीलिंग की कार्रवाई-
कार्रवाई के दौरान नगरपालिका अमले ने जोरबा इंफोटेक की तीन दुकानों को सील किया। मौके पर पंचनामा तैयार किए जाने तथा दुकानों के बाहर नोटिस चस्पा किए जाने की जानकारी भी सामने आई है। नोटिस में सक्षम अनुमति के बिना सील खोलने या तोड़ने पर कार्रवाई की चेतावनी दिए जाने की बात कही गई है।
नगरपालिका की ओर से संचालक को संबंधित दस्तावेज एवं स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। आगे की कार्रवाई दस्तावेजों और जांच के आधार पर होने की बात कही गई है।
संचालक ने कहा- पहले ही बंद कर दिया था गेट
इधर, दुकान संचालक प्रेमसागर मुलचंदानी ने नगरपालिका को दिए आवेदन में बताया कि वे करीब 30 वर्षों से यू-शेप मार्केट में व्यवसाय कर रहे हैं। उनके अनुसार दुकान नंबर 5 एवं 6 के बीच बने करीब ढाई फीट बाय साढ़े फीट के गेट को लेकर करीब छह माह पहले नगरपालिका से नोटिस मिला था। संचालक का दावा है कि उन्होंने गेट बंद कर इसकी लिखित सूचना नगरपालिका को दे दी थी। उनके अनुसार बाद में नगरपालिका की ओर से नोटिस संबंधी कार्रवाई समाप्त होने की जानकारी भी दी गई थी।
पत्रकारों पर शिकायत करने के आरोप-
संचालक ने अपने आवेदन में कुछ पत्रकारों पर राशि ऐंठने की नीयत से सीएम हेल्पलाइन और नगरपालिका में उनके खिलाफ शिकायतें करने का आरोप लगाया है। उन्होंने शिकायतों को कथित रूप से झूठा एवं मनगढ़ंत बताया है। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और संबंधित पत्रकारों का पक्ष सामने नहीं आया है।
संचालक का कहना है कि दुकानों के सील होने से उनका व्यवसाय पूरी तरह प्रभावित हुआ है। उन्होंने आर्थिक नुकसान के साथ इनकम टैक्स ऑडिट की फाइलिंग प्रभावित होने तथा संभावित पेनल्टी की आशंका भी आवेदन में जताई है।
दुकानों को सील से मुक्त करने की मांग-
प्रेमसागर मुलचंदानी ने नगरपालिका के समक्ष आवेदन प्रस्तुत कर दुकानों को सील से मुक्त करने की मांग की है। वहीं, नगरपालिका की ओर से निर्माण संबंधी दस्तावेज एवं स्पष्टीकरण मांगे जाने की बात सामने आई है। अब आगे की स्थिति संबंधित दस्तावेजों और नगरपालिका की जांच के बाद स्पष्ट होगी।
नोट- नगरपालिका की कार्रवाई और दुकान संचालक के आवेदन में किए गए दावों को अलग-अलग पक्ष के रूप में प्रस्तुत किया गया है। पत्रकारों पर लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।