नीमच। नीमच नगरपालिका परिषद में बंगला नंबर 60 की भूमि से संबंधित पांच बिंदुओं पर सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005 के तहत लोक सूचना अधिकारी के समक्ष आवेदन प्रस्तुत कर अभिलेखीय जानकारी मांगी गई थी। निर्धारित अवधि में पूर्ण एवं स्पष्ट जानकारी उपलब्ध कराने के बजाय लोक सूचना अधिकारी द्वारा 30 दिन बाद दिया गया जवाब अपूर्ण एवं असंतोषजनक बताया गया है।
सूचना अधिकार कार्यकर्ता हारून रशीद ने कहा कि लोक सूचना अधिकारी की ओर से जवाब में यह उल्लेख किया गया है कि मांगी गई जानकारी “आविष्कृत होने से देना संभव नहीं है।” उन्होंने आपत्ति जताते हुए कहा कि आरटीआई आवेदन में नगरपालिका के उपलब्ध सरकारी अभिलेखों एवं रिकॉर्ड से संबंधित जानकारी मांगी गई थी। यदि किसी बिंदु की सूचना नगरपालिका के अभिलेखों में उपलब्ध नहीं है, तो इस संबंध में स्पष्ट रूप से बताया जाना चाहिए कि संबंधित रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं है।
वैधानिक आधार स्पष्ट करने की मांग-
हारून रशीद ने कहा कि केवल “जानकारी आविष्कृत होने से देना संभव नहीं है” कह देना पर्याप्त नहीं है। यदि किसी सूचना को उपलब्ध कराने से इनकार किया जाता है तो आरटीआई अधिनियम के तहत लागू वैधानिक आधार स्पष्ट किया जाना चाहिए। साथ ही यह बताया जाना चाहिए कि मांगी गई सूचना किस कारण उपलब्ध नहीं कराई जा सकती।
उन्होंने कहा कि बंगला नंबर 60 की भूमि से संबंधित विषय सार्वजनिक महत्व का है। ऐसे में नगरपालिका के पास उपलब्ध संबंधित प्रस्ताव, आदेश, भूमि अभिलेख, स्वामित्व अथवा आवंटन से जुड़े रिकॉर्ड और अन्य दस्तावेजों की स्पष्ट एवं प्रमाणित जानकारी उपलब्ध कराया जाना पारदर्शिता की दृष्टि से आवश्यक है।
प्रथम अपील प्रस्तुत करने की बात-
रशीद ने कहा कि सूचना का अधिकार नागरिकों को शासकीय एवं सार्वजनिक संस्थाओं के कार्यों में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने का महत्वपूर्ण माध्यम है। उनके अनुसार, उपलब्ध अभिलेखों से संबंधित सूचना पर स्पष्ट आधार के बिना अपूर्ण जवाब दिए जाने पर प्रथम अपील प्रस्तुत की जाएगी।
उन्होंने कहा कि अपीलीय अधिकारी से लोक सूचना अधिकारी द्वारा दिए गए जवाब की समीक्षा कर प्रत्येक बिंदु पर स्पष्ट सूचना तथा उपलब्ध अभिलेखों की प्रमाणित प्रतियां उपलब्ध कराने का अनुरोध किया जाएगा।