नीमच। जीरन तहसील के ग्राम मालिया स्थित देवनारायण मंदिर को लेकर चल रहे विवाद में अब नया मोड़ सामने आया है। मंदिर के पुजारी मोहनलाल मेघवाल ने कुछ ग्रामीणों के खिलाफ कलेक्टर, एसपी और पुलिस थाने में आवेदन देकर जातिसूचक शब्दों से अपमानित करने, गाली-गलौज, मारपीट और जान से मारने की धमकी देने के आरोप लगाए हैं। पुजारी ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर कार्रवाई की मांग की है।
प्रसाद वितरण को लेकर विवाद का आरोप-
पुजारी के अनुसार, 16 सितंबर को मंदिर में छठ कार्यक्रम के दौरान प्रसाद वितरण को लेकर विवाद हुआ था। उनका आरोप है कि बच्चों द्वारा प्रसाद लेने की बात को लेकर उन्हें और उनके परिवार के सदस्यों को जातिसूचक शब्द कहे गए। विरोध करने पर उनके साथ गाली-गलौज और मारपीट की गई। पुजारी ने मंदिर की सेवा से हटवाने तथा झूठे मामले में फंसाने की धमकी देने का भी आरोप लगाया है।
वाहन से कुचलने की धमकी का भी आरोप-
आवेदन में पुजारी ने आरोप लगाया कि घटना के बाद उन्हें वाहन से कुचलकर जान से मारने की धमकी भी दी गई। उनका यह भी आरोप है कि 17 सितंबर को डायल-112 पुलिस के मौके पर पहुंचने के बाद दबाव बनाकर उनसे राजीनामा लिखवाया गया और 2100 रुपए का अर्थदंड लगाया गया।
कई पीढ़ियों से मंदिर सेवा का दावा-
मोहनलाल मेघवाल का कहना है कि उनका परिवार कई पीढ़ियों से देवनारायण मंदिर में सेवा करता आ रहा है। उन्होंने प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने, घटनाक्रम की वास्तविकता सामने लाने और आरोप सही पाए जाने पर संबंधित लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई करने की मांग की है। पुलिस एवं प्रशासन की जांच के बाद ही लगाए गए आरोपों की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।