BREAKING NEWS
BIG NEWS : सुबह घर से निकली 22 साल की तनिष्का, कुछ.. <<     मंदसौर में CSC संचालकों की कार्यशाला, सरकारी.. <<     KHABAR : सतीपुरा में गणेश उत्सव के अंतिम दिन भव्य.. <<     KHABAR : सेवा सेतु शिविर में सौर ऊर्जा को बढ़ावा, 100.. <<     KHABAR : गणेश विसर्जन को लेकर श्रद्धालुओं से.. <<     BIG NEWS : एक दिन, दो हमले और सहमे अभिभावक, नीमच जिले.. <<     KHABAR : मैं नहीं, आप के संकल्प से गूंजा रामपुरा.. <<     VIDEO: मंदसौर में चोरों का आतंक! नवकार सिल्वर.. <<     KHABAR : आबकारी विभाग के फैसले पर हाईकोर्ट की मुहर,.. <<     BIG NEWS : 1500 किलोमीटर का सफर, तीन राज्यों की सीमा.. <<     BIG NEWS : मुरैना में पुलिस के सामने दबंगों का.. <<     KHABAR : 32वीं भागवत में कृष्ण बने दूल्हा, रुक्मिणी.. <<     KHABAR : इंसानियत और आस्था की अनूठी मिसाल, शाजापुर.. <<     KHABAR : एक शाम खाटूवाले के नाम, भजनों पर देर रात तक.. <<     GOLD & SILVER RATE : यहां क्लिक करेंगे तो जानेंगे प्रदेश.. <<    
वॉइस ऑफ़ एमपी न्यूज़ चैनल में विज्ञापन के लिए..
September 25, 2026, 10:27 am
KHABAR : आबकारी विभाग के फैसले पर हाईकोर्ट की मुहर, बिना लाइसेंस टेंडर में हिस्सा नहीं ले सकती सोम डिस्टिलरीज, याचिका खारिज, पढे़ खबर 

Share On:-

जबलपुर। मध्य प्रदेश हाईकोर्ट से बहुचर्चित शराब निर्माता कंपनी सोम डिस्टिलरीज को बड़ा झटका लगा है। हाईकोर्ट की डिवीजन बेंच ने आबकारी विभाग के फैसले को सही ठहराते हुए कंपनी की उस याचिका को सिरे से खारिज कर दिया है, जिसमें उसने नए शराब टेंडरों में शामिल होने की इजाजत मांगी थी। अदालत ने स्पष्ट कर दिया कि बिना वैध लाइसेंस के कोई भी कंपनी टेंडर प्रक्रिया में हिस्सा नहीं ले सकती।


क्या था आबकारी विभाग का आदेश? 
दरअसल, मध्य प्रदेश आबकारी विभाग ने 18 जून 2026 को एक बड़ा आदेश जारी करते हुए सोम डिस्टिलरीज के शराब लाइसेंस के नवीनीकरण को निरस्त कर दिया था। आबकारी विभाग की इस कड़ी कार्रवाई के खिलाफ कंपनी ने हाईकोर्ट का रुख किया था और लाइसेंस निरस्तीकरण को रद्द करने तथा आगामी टेंडर प्रक्रिया में भाग लेने की अनुमति देने की मांग की थी।


कंपनी की दलील
सुनवाई के दौरान सोम डिस्टिलरीज की ओर से अदालत में दलील दी गई कि जिन व्यक्तियों को आपराधिक मामले में सजा हुई है, वे कंपनी के अधिकृत कर्मचारी नहीं थे। इसलिए उनके कृत्यों के आधार पर पूरी कंपनी का लाइसेंस निरस्त करना और टेंडर से बाहर करना अनुचित है।


डिवीजन बेंच ने राहत देने से किया इंकार
मामले की विस्तृत सुनवाई के बाद हाईकोर्ट की डिवीजन बेंच ने कंपनी की दलीलों को अमान्य कर दिया। अदालत ने सख्त रुख अपनाते हुए कहा कि जब तक कंपनी के पास वैध आबकारी लाइसेंस मौजूद नहीं है, तब तक उसे टेंडर प्रक्रिया में शामिल होने की अनुमति नहीं दी जा सकती। हाईकोर्ट द्वारा याचिका खारिज किए जाने के बाद अब सोम डिस्टिलरीज के लिए प्रदेश के नए शराब टेंडरों में शामिल होने के सारे दरवाजे फिलहाल बंद हो गए हैं।

VOICE OF MP
एडिटर की चुनी हुई ख़बरें आपके लिए
SUBSCRIBE