रामपुरा। शहर में आवारा कुत्तों की बढ़ती संख्या के बीच एक ही दिन में दो मासूम बच्चियों पर हमले की घटनाएं सामने आई हैं। दोनों बच्चियों को कुत्तों ने काटकर घायल कर दिया। एक बच्ची की हालत गंभीर होने पर उसे रामपुरा सिविल अस्पताल से नीमच जिला चिकित्सालय रेफर किया गया। घटनाओं के बाद शहर में बच्चों की सुरक्षा को लेकर अभिभावकों की चिंता बढ़ गई है।
पुराने बस स्टैंड क्षेत्र में बच्ची पर हमला-
पहली घटना में ग्राम जमालपुर निवासी मासूम मेहर गरासिया पर पुराने बस स्टैंड क्षेत्र में आवारा कुत्तों के झुंड ने हमला कर दिया। कुत्तों के हमले में बच्ची घायल हो गई। उसकी हालत गंभीर होने पर प्राथमिक उपचार के बाद उसे नीमच जिला चिकित्सालय रेफर किया गया।
दिनदहाड़े दूसरी बच्ची को बनाया निशाना-
इसी दिन रामपुरा निवासी रोशनी, पिता दीपक माली भी आवारा कुत्तों के हमले का शिकार हो गई। शहर के बीच दिनदहाड़े मासूम बच्ची पर हुए हमले की घटना के बाद लोगों में भय का माहौल देखा गया।
कई इलाकों में कुत्तों के झुंड घूमने का दावा-
स्थानीय लोगों का कहना है कि रामपुरा शहर के कई इलाकों में आवारा कुत्तों के झुंड खुलेआम घूमते रहते हैं। इसके साथ ही आवारा पशुओं की समस्या भी बनी हुई है। लोगों के अनुसार, समस्या को लेकर पूर्व में नगर परिषद को शिकायतें और आवेदन दिए जा चुके हैं, लेकिन स्थायी समाधान नहीं हो सका।
धरपकड़ और प्रभावी नियंत्रण की मांग-
एक ही दिन में दो मासूमों पर हुए हमलों के बाद स्थानीय लोगों ने नगर परिषद से आवारा कुत्तों की धरपकड़ और समस्या वाले क्षेत्रों की पहचान कर प्रभावी नियंत्रण व्यवस्था लागू करने की मांग की है। अभिभावकों का कहना है कि बच्चों की सुरक्षा को देखते हुए इस समस्या का जल्द समाधान किया जाना जरूरी है।
स्थानीय लोगों ने मांग की है कि नगर परिषद शहर में आवारा कुत्तों और पशुओं की समस्या को लेकर ठोस कार्ययोजना बनाकर कार्रवाई करे, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति को रोका जा सके।