उज्जैन। सिंहस्थ महापर्व 2028 की तैयारियों के तहत नगर निगम ने नीलगंगा क्षेत्र में अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की। बुधवार को प्लेटफॉर्म क्रमांक 8 के सामने मुख्य मार्ग के किनारे किए गए करीब 8 से 10 अवैध अतिक्रमण और निर्माण हटाए गए।
निगम की टीम ने जेसीबी की मदद से मकानों, दुकानों और गैरेज आदि के आसपास किए गए अतिक्रमणों को हटाया। कार्रवाई का उद्देश्य सड़क पर आवागमन सुगम बनाना और सिंहस्थ के दौरान श्रद्धालुओं व साधु-संतों की आवाजाही के लिए पर्याप्त जगह उपलब्ध कराना है।
दो पीपल के पेड़ों का पुनः प्रत्यारोपण
अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के दौरान पर्यावरण संरक्षण का भी ध्यान रखा गया। नगर निगम ने दो पीपल के पेड़ों को पुनः प्रत्यारोपित कर लोटी स्कूल परिसर में स्थानांतरित किया। निगम का उद्देश्य सिंहस्थ 2028 से पहले प्रमुख मार्गों को व्यवस्थित करना है, ताकि महापर्व के दौरान यातायात और श्रद्धालुओं की आवाजाही में किसी तरह की परेशानी न हो।
पेशवाई के लिए महत्वपूर्ण है मार्ग
नीलगंगा तालाब से निकलने वाली पेशवाई इसी मार्ग से होकर गुजरती है। सिंहस्थ महापर्व के दौरान इस मार्ग पर साधु-संतों, श्रद्धालुओं और विभिन्न अखाड़ों की आवाजाही रहेगी। ऐसे में रास्ते को व्यवस्थित करना और आवागमन में बाधाएं दूर करना जरूरी है। इसी को ध्यान में रखते हुए नगर निगम शहर के प्रमुख मार्गों से अवैध अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई कर रहा है।
नगर निगम आयुक्त ने दिए थे निर्देश
नगर निगम आयुक्त अभिलाष मिश्रा के निर्देश पर यह कार्रवाई की गई। निगम आयुक्त ने निरीक्षण के दौरान लोटी तिराहे से नीलगंगा पेशवाई मार्ग के बीच प्लेटफॉर्म क्रमांक 8 के सामने किए गए अतिक्रमणों को हटाने के निर्देश संबंधित जोनल अधिकारी को दिए थे।
इस क्षेत्र में कुछ मकानों और दुकानों द्वारा सड़क किनारे अतिक्रमण किए जाने से आवागमन में परेशानी हो रही थी। इसे देखते हुए निगम की टीम ने मौके पर पहुंचकर अतिक्रमण हटाए।