बड़वानी। जिले के पिपरी क्षेत्र में सरदार सरोवर बांध के बैकवॉटर में करंट लगने से 41 वर्षीय किशोर वर्मा की दर्दनाक मौत हो गई। ग्राम पिपलोद निवासी किशोर अपने परिवार के साथ मछली पकड़ने गए थे। इसी दौरान वे बिजली की लाइन की चपेट में आ गए। हादसे में परिवार ने अपना इकलौता कमाने वाला सदस्य खो दिया। मृतक के परिवार में पत्नी, दो बेटे और एक बेटी हैं।
पोस्टमार्टम के बाद आक्रोशित ग्रामीण और परिजन शव लेकर बिजली विभाग के कार्यपालन यंत्री कार्यालय पहुंचे। इसके बाद नवलपुरा स्थित अधीक्षण यंत्री कार्यालय पहुंचकर विरोध जताया। ग्रामीणों ने सवाल उठाए कि सरदार सरोवर के बैकवॉटर में डूबे क्षेत्र में बिजली की लाइन में करंट कैसे प्रवाहित हो रहा था और वहां सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम क्यों नहीं किए गए। ग्रामीणों ने हादसे के लिए 11 केवी बिजली लाइन को जिम्मेदार ठहराया।
मामले की गंभीरता को देखते हुए बिजली विभाग ने जांच के लिए दो अधिकारियों की टीम गठित की है। अधीक्षण यंत्री अरविंद ने बताया कि क्षेत्र में किसानों के स्थाई बिजली कनेक्शन हैं, जो बारिश के दौरान बंद रहते हैं और रबी सीजन में चालू किए जाते हैं। शुरुआती आशंका है कि नाव निकालते समय उसका कोई हिस्सा या लोहे का औजार ऊपर से गुजर रही बिजली लाइन के संपर्क में आया होगा। हालांकि, हादसे की वास्तविक वजह जांच के बाद ही स्पष्ट होगी। जांच में लापरवाही सामने आने पर संबंधित लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
इधर, परिजनों ने आर्थिक सहायता और परिवार के एक सदस्य को नौकरी देने की मांग रखी। अधिकारियों ने शासन के नियमानुसार 4 लाख रुपए की आर्थिक सहायता जल्द दिलाने का आश्वासन दिया। साथ ही आउटसोर्स में पद रिक्त होने पर एक योग्य आश्रित बच्चे को नौकरी देने की बात कही।
फिलहाल विभाग ने जांच शुरू कर दी है। ग्रामीणों ने बैकवॉटर में डूबी बिजली लाइनों की सुरक्षा और विभागीय जिम्मेदारी को लेकर सवाल उठाए हैं। अब सभी की निगाहें जांच रिपोर्ट और विभाग की आगे की कार्रवाई पर टिकी हैं।