भोपाल। विज्ञान और प्रौद्योगिकी एवं सूक्ष्म, लघु तथा मध्यम उद्यम मंत्री ओमप्रकाश सखलेचा ने गुरुवार को मैनिट में 21 से 24 जनवरी तक आयोजित होने वाले अंतर्राष्ट्रीय स्तर के विज्ञान उत्सव भारत अंतर्राष्ट्रीय विज्ञान महोत्सव IISF-2022 की तैयारियों की समीक्षा की।
बैठक में मंत्री सखलेचा ने जिला प्रशासन, मैनिट प्रबंधन के अधिकारियों, मध्य प्रदेश विज्ञान और प्रौद्योगिकी परिषद एवं विज्ञान भारती के कार्यकर्ताओं से महत्वपूर्ण बिंदुओं पर चर्चा कर आवश्यक निर्देश एवं सुझाव दिए।
मंत्री सखेलचा ने बताया कि 14 आयामों में आईआईएसएफ़ 2022 आयोजित किया जा रहा है। जिसमें प्रमुख रूप से आर्टिजन टेक्नोलॉजी विलेज-वोकल फॉर लोकल, नेशनल सोशल ऑर्गेनाइजेशन एन्ड इंस्टिट्यूशन मीट, न्यू एज टेक्नोलॉजी शो, मेगा साइंस एंड टेक्नोलॉजी एग्जीबिशन, इंटरनेशनल साइंस फेस्टिवल ऑफ इंडिया, साइंस थ्रू गेम एंड टॉयज, स्टार्टअप कांक्लेव, स्टूडेंट्स इनोवेशन फेस्टिवल, स्टूडेंट साइंस विलेज-2022, स्टेट साइंस एंड टेक्नोलॉजी काउंसिल कॉन्क्लेव, विज्ञानीका-साइंस लिटरेचर फेस्टिवल सम्मिलित हैं।
मंत्री सखलेचा ने विज्ञान संस्थाओं और आमजन से इस विज्ञान महोत्सव में सम्मिलित होने का आव्हान करते हुए कहा कि विज्ञान भारती के सहयोग से इनफार्मेशन टेक्नोलॉजी, पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय एवं स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित यह विज्ञान महोत्सव भारतीय विज्ञान के गौरवशाली, उपलब्धिपूर्ण और प्रेरणादायी इतिहास के महत्व को नई पीढ़ी से परिचित कराने का महोत्सव है
बैठक के दौरान बायोटेक्नोलॉजी रीजनल सेंटर के एग्जीक्यूटीव डायरेक्टर डॉ सुधांशु व्रती, आरसीबी फरीदाबाद के मुख्य प्रशासनिक अधिकारी सुदीप भार, आरसीबी फरीदाबाद के पीएस रमेश, इंडियन नेशनल साइंस एकेडमी, दिल्ली के कार्यकारी निदेशक डॉ अरविंद रानाडे, मध्य प्रदेश विज्ञान परिषद के महानिदेशक डॉक्टर अनिल कोठारी, विज्ञान भारती के राष्ट्रीय सचिव प्रवीण रामदास, मध्य भारत प्रांत के सचिव सचिव संजय कौरव एवं रत्नेश, डॉ प्रीति शर्मा मैनिट भोपाल के डायरेक्टर प्रो नरेन्द्र रघुवंशी, एमपीसीएसटी से डॉ प्रवीण दिघर्रा, पराग भल्ला, विकास शेंडे एवं अन्य अधिकारी उपस्थित थे।