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February 23, 2023, 7:31 pm
KHABAR : सोया हुआ खनिज विभाग, ट्रेलर भर-भर के आ रही बालू रेत, कोई रोक टोक नही, धड़ल्ले से हो रहा अवैध व्यापार, पढ़े कैलाश विश्वकर्मा की खबर 

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शामगढ़। जिला मुख्यालय से 80 किलोमीटर शामगढ़ तक आते-आते खनिज विभाग के हाथ छोटे पड़ जाते हैं। नाममात्र के अधिकारी और कर्मचारियों के भरोसे खनन विभाग खनन में हो रही रॉयल्टी चोरी एवं अवैध खनन तथा परिवहन को रोकने में नाकाम साबित हो रहा है। भवन निर्माण में काम में आने वाली बालू रेत धड़ल्ले से बिना रॉयल्टी के परिवहन एवं अनलोड हो रही है। नियम कहते हैं कि निजी निर्माण के लिए कोई भी व्यक्ति 10 घन मीटर एवं व्यावसायिक उपयोग के लिए कोई भी संस्थान बिना नियमों का पालन किए 50 घन मीटर से ज्यादा बालू रेत नहीं रख सकता है। सूत्रों द्वारा रॉयल्टी चोरी के वाहनों की जानकारी पुलिस तक पहुंच भी जाती है तो पुलिस यह कहती है कि खनन के अवैध परिवहन को पकड़ना खनिज विभाग का काम है। छठे चौमासे खनिज विभाग कोई कार्रवाई कर भी लेता है तो सेटिंग बाज अपना काम कर चुके होते है और जुर्माने की कार्यवाई नही होती है। 

क्या कहते है नियम-

रेत के अवैध परिवहन संबंधी नए नियम बनाए गए हैं। इन नियमों को समझें तो नए नियमों में जो प्रावधान किया गया है, उस हिसाब से वाहनों से अधिकतम चार लाख रुपए तक की वसूली हो सकती है। यदि बिना वैध परमिट के कोई ट्रेक्टर रेत का परिहवन करते हुए पकड़ाया तो ऐसे मामले में पर्यावरण क्षतिपूर्ति के रूप में 25 हजार रुपए तक की वसूली की जा सकती है।
इसी तरह टू एक्सल यानी छह पहिया वाहनों से यह वसूली दोगुनी यानी 50 हजार रुपए हो जाएगी, वहीं बम्पर हाइड्रोलिक छह पहिया वाहन से एक लाख रुपए पर्यावरण क्षतिपूर्ति के रूप में वसूल किया जा सकेगा। इसी क्रम में थ्री एक्सल यानी 10 पहिया वाहन से दो लाख रुपए की वसूली होगी और 4 से 6 एक्सल वाले यानी 10 पहिया से अधिक वाहनों से अधिकतम चार लाख रुपए की वसूली हो सकेगी।
अवैध खनन, परिवहन के और नियमों को समझें अवैध उत्खनन की जानकारी प्राप्त होने पर कलेक्टर अथवा इस निमित्त प्राधिकृत अधिकारी खनिज, वाहन, मशीन, औजार आदि जप्त कर सकता है तथा प्रकरण कलेक्टर के समक्ष प्रस्तुत किया जाना चाहिए। रजिस्टीकृत प्रकरण के लंबित रहने के दौरान अथवा अंतिम विनिश्चय किए जाने के पूर्व यदि कोई आवेदन पत्र प्राप्त होता है, तब कलेक्टर उत्खनित खनिज की रायल्टी की 25 गुना के समतुल्य राशि जमा कराये जाने के पश्चात प्रकरण का निराकरण करते है इस अवधि में यदि आवेदन पत्र सहमति प्राप्त नहीं होती है तो कलेक्टर उत्खनित खनिज की रायल्टी की 50 गुना शास्ति अधिरोपित करने का नियम है। प्रशमन राशि अथवा शास्ति राशि जमा होने पर जप्त खनिज, वाहन, मशीन, औजार मुक्त किया जा सकेगा, परन्तु यदि अवैध उत्खननकर्ता द्वारा अधिरोपित शास्ति जमा नहीं की जाती है, तब कलेक्टर अथवा इस प्रयोजन के लिए प्राधिकृत अधिकारी जप्त खनिज, वाहन, मशीन और औजार को राजसात करेगा। 

इस खबर के बारे में वर्जन लेने के लिए हमारे संवाददाता ने गुरुवार को दोपहर से शाम तक मंदसौर जिला खनिज निरीक्षक भावना सेंगर को कॉल किए परंतु कॉल अटेंड नहीं हुआ। इस स्थिति से समझा जा सकता है कि खनिज विभाग अवैध रेत परिवहन एवं अवैध उत्खनन के प्रति कितना संजीदगी रखता है। 

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