देवास। मध्यप्रदेश के देवास जिले में किसानों को वितरण की जाने वाली आपदा राशि में करीब 1 करोड़ 61 लाख का भ्रष्टाचार सामने आया हैं। 35 पटवारी और कुछ तहसील कर्मचारी इस जांच के दायरे में आए थे। मामले में कलेक्टर ने 7 पटवारी और एक लिपिक को निलंबित किया हैं। इन पटवारियों ने अपने परिवार के सदस्यों और रिश्तेदारों के खाते में यह राशि डाल ली थी।दरअसल, 2018 से 2022 के बीच देवास जिले के किसानों को प्राकृतिक आपदा में वितरित की जाने वाली राशि को सीएजी ने आडिट किया गया था। सीएजी की ड्राफ्ट रिपोर्ट में करीब 1 करोड़ 61 लाख का बड़ा भ्रष्टाचार निकलकर सामने आया था। मामले की जांच में 35 पटवारी और कुछ तहसील कर्मचारी जांच के दायरे आए थे। इन पटवारियों ने अपने परिवार के सदस्यों और रिश्तेदारों के खाते में यह राशि डाल ली गई थी। जिस पर कलेक्टर सभी को सोकास नोटिस जारी किए थे, उक्त मामले में जांच के बाद दोषी पाएं जाने पर कलेक्टर ऋषव गुप्ता ने 7 पटवारी और एक लिपिक को निलंबित कर दिया हैं।कलेक्टर ने कहा कि गबन की गई राशि में से करीब 1 करोड़ 10 लाख की राशि वसूल कर ली गई हैं। गबन करने वाले ऐसे कर्मचारी जिन्होंने 5 लाख या उससे अधिक का गबन किया है, उन्हें निलंबित किया गया हैं। इसके अलावा इसमें जो भी कर्मचारी शामिल हैं। उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की की जाएंगी।