छिन्दवाडा। मध्यप्रदेश टूरिज्म बोर्ड द्वारा संचालित महिलाओं के लिए सुरक्षित पर्यटन परियोजना के अंतर्गत महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के प्रयास किये जा रहे हैं। इसी कड़ी में जिले के आदिवासी विकासखंड तामिया के ग्राम आलीवाड़ा में जिला पंचायत सदस्य नवीन मरकाम के मुख्य आतिथ्य में महिलाओं को पारंपरिक नृत्य सीखने का 12 दिवसीय प्रशिक्षण शिविर का आज शुभारंभ हुआ। उल्लेखनीय है कि एमपीटीबी की सहयोगी संस्था इंडियन ग्रामीण सर्विसेस द्वारा तामिया पर्यटन क्षेत्र में महिलाओं को आत्म निर्भर बनाने और संस्कृति संरक्षण के उद्देश्य से महिलाओं को इस पारम्परिक नृत्य का प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
इंडियन ग्रामीण सर्विसेस की रीना साहू ने बताया कि महिलाओं को आत्म निर्भर बनाने के उद्देश्य से विभिन्न प्रकार के कौशल संचालित किए जा रहे हैं जिससे महिलाओं के रोज़गार के अवसरों में वृध्दि हो रही है। अभी तक पारंपरिक गेड़ी नृत्य में पुरुषों की टोलियां तो थी, लेकिन महिलाओं की टोली नहीं थी, जो प्रदेश व देश में होने वाले सांस्कृतिक आयोजन में गेड़ी नृत्य करके नाम रोशन कर सके और जिससे आय भी हो। कार्यक्रम में महिलाओं के लिये सुरक्षित पर्यटन स्थल परियोजना का संक्षिप्त परिचय भी दिया गया। ग्राम आलीवाडा में महिलाओं के ट्राइबल नृत्य प्रशिक्षण शुभारंभ में आये हुये अतिथियों का आलीवाडा के पुरुष समूह द्वारा गेड़ी नृत्य करते हुये हल्दी, चांवल व पुष्प गुच्छ देकर स्वागत किया गया। कार्यक्रम का संचालन इंडियन ग्रामीण सर्विसेस संस्था की संकुल प्रमुख रीना साहू व सनोद नागवंशी द्वारा किया गया। कार्यक्रम में जिला पुरातत्व, पर्यटन व संस्कृति परिषद के सदस्य पवन श्रीवास्तव, राकेश सोनी, सुरेश फड़नीश, मास्टर ट्रेनर वंश लाल मरावी व इंद्रलाल मरावी और 18 महिला प्रतिभागी एवं नजदीकी पंचायतों के सरपंच सचिव व ग्रामीण जन उपस्थित थे।
--
वॉइस ऑफ़ एमपी की मुहीम- बेज़ुबान पक्षियों के लिए दान करें सकोरे या फिर अपने मकान की छत पर रखे सकोरे, भीषण गर्मी में सुने इनकी फ़रियाद।