धार। उप संचालक किसान कल्याण तथा कृषि विकास ने बताया कि खरीफ सीजन प्रारंभ होने जा रहा है। 15 जून के बाद मानसून आने की संभावना है। इस संबंध में किसानों को सलाह दी गई हैं कि अपने-अपने खेत की तैयारी कर ले। खेत तैयार करते समय कल्टीवेटर चलाकर जुताई कर ले तथा खेत की मिट्टी की जाँच अवष्य करा लेवे। मिट्टी परीक्षण पत्रक अनुसार ही फसलों में संतुलित मात्रा में उर्वरक डाले। मौसम विभाग के अनुसार इस वर्ष सामान्य वर्षा रहने की संभावना है। ऐसी स्थिति को देखते हुये जिन किसान भाईयों के पास सिंचाई के साधन नहीं है, उन किसानों को सलाह दी जाती हैं, कि खरीफ सीजन में बोई जाने वाली फसले (सोयाबीन, मक्का कपास, मुग, उड़द, अरहर) कम पानी एवं सीध पकने वाली किस्मों का चयन कर बोनी करे। इस समय जिन किसानों द्वारा अग्रिम उर्वरक का उठाव नहीं किया गया है, वे आवश्यकता अनुसार उर्वरकों का उठाव शीघ्र कर ले एवं खरीफ सीजन में कम एवं मध्यम अवधि की प्रजाति की बुवाई करें। बुवाई करने से पूर्व अपने पास उपलब्ध बीज का घरेलु बीज परीक्षण कर लेवें। परीक्षण उपरांत ही प्रति हेक्टेयर बीज दर तय कर बुवाई करे। जिले में अधिक रकबे में सोयाबीन फसल की बुवाई होती है, जो किसान भाई सोयाबीन की बुवाई करेगें वे सल्फर युक्त उर्वरक का उपयोग आवश्य करे तथा बीज की बुवाई पूर्व बीजोपचार अवश्य करे।
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