मंडला वीरांगना रानी दुर्गावती के बलिदान एवं उनके शौर्यगाथा को जन-जन तक पहुंचाने के लिए 22 से 27 जून तक गौरव यात्रा निकाली जा रही है। यह यात्रा रानी दुर्गावती के जीवन से जुड़े अलग-अलग रूट से निकलती हुई 27 जून को समाप्त होगी। शुक्रवार 23 जून को रूट क्रं.-1 के लिए निर्धारित गौरव यात्रा बालाघाट-बैहर होते हुए मंडला जिले में पहुंची। बिछिया क्षेत्र के अंतर्गत इस यात्रा ने बालाघाट जिले के पांडूतला से मंडला जिले के सिझौरा से जिले में प्रवेश किया। केन्द्रीय इस्पात एवं ग्रामीण विकास राज्यमंत्री फग्गनसिंह कुलस्ते यात्रा के साथ स्वयं उपस्थित रहे तथा जिले में यात्रा की स्थानीय जनप्रतिनिधियों के साथ अगवानी की। इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष संजय कुशराम, पूर्व विधायक डॉ. शिवराज शाह तथा पंडितसिंह धुर्वे, स्थानीय जनप्रतिनिधि, मातृशक्तियां एवं बड़ी संख्या में लोग उपस्थित थे। गौरव यात्रा का स्वागत स्थानीय मातृ शक्तियों ने कलश यात्रा के साथ किया। परंपरागत वाद्ययंत्रों के दल ने भी यात्रा का स्वागत किया। कार्यक्रम का प्रारंभ अतिथियों ने वीरांगना रानी दुर्गावती के छायाचित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्वलित कर की।
केन्द्रीय मंत्री कुलस्ते ने यात्रा को संबोधित करते हुए कहा कि वीरांगना रानी दुर्गावती भारत के शौर्य एवं स्वाभिमान का प्रतीक है। रानी दुर्गावती ने निश्चित ही हम सभी के सम्मान एवं स्वभिमान के लिए अपने प्राणों की आहुति दे दी। हमें एवं हमारी आने वाली पीढ़ियों को इसकी जानकारी होना आवश्यक है। प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान ने 22 जून को बालाघाट से यात्रा को रवाना किया। कार्यक्रम में आभार प्रदर्शन पूर्व विधायक डॉ. शिवराज शाह ने किया। इसके पश्चात गौरव यात्रा अपने निर्धारित मार्ग पर आगे बढ़ी। अनेक जगहों पर स्थानीय स्तर पर कार्यक्रम हुए।