नीमच। सरकारी विद्यालय एवं आंगनवाडियो में भोजन एवं नाश्ता बनाकर बच्चो को खिलाने वाले महिला स्वयं सहायता समूहों से जुडी रसोइया बहने इन दिनो सरकार द्वारा किए जा रहे आर्थिक शोषण का शिकार हो रही है।
स्वयं सहायता समुह संघ जिला अध्यक्ष माया मनोहर बैरागी बराड़ा ने बताया कि मात्र 2000 रु मासिक मानदेय पर पूरा दिन भर कार्य करती है जिससे उनके परिवार का भरण पोषण सही तरह से नहीं कर पाती है। इस शोषण से बचने के लिए प्रदेश नेतृत्व के आह्वान पर महिला रसोइया 2 जुलाई 2023 को नीमच जिले से महिला स्वयं सहायता समूह महासंघ जिला नीमच की जिला अध्यक्ष माया मनोहर बैरागी के नेतृत्व में लगभग 2000 महिला रसोइया एवं समूह की महिलाएं इस महा आंदोलन में पहुंचेगी एवं भोपाल मे जंगी प्रदर्शन करेगी।
बैरगी ने बताया कि विद्यालय एवं आंगनवाड़ीयों के समूह संचालको को कई प्रकार की समस्याओं का सामना करना पड़ता है। समय पर समूहों को खाद्यान नहीं मिलता है। महंगाई को देखते हुए प्रति छात्र की जो राशी शासन द्वारा जारी की जाती है वह ऊंट के मुंह में जीरा के समान है। पांच रुपये मे चाय तक नहीं मिलती और समूह संचालको द्वारा भोजन की थाली जिसमे रोटी, दो सब्जी, खीर-पुडी, नाश्ता आदि देना पड़ते है। बाद भी रसोईया का मानदेय तीन चार माह तक नही आता है। खाना पकाने की लागत राशी भी तीन चार माह तक जारी नही होती है।
बैरागी ने आगे बताया कि खाद्यान भी छात्र संख्या के मान से जारी नही होता है। मात्र उपस्थिति का 65 प्रतिशत के मान से खाद्यान एवं राशि जारी होती है और भोजन उपस्थिति के मान से कराना पड़ता है। जितने उपस्थित रहते हैं उन्हें देना पड़ता है। ऐसी कई प्रकार की समस्याओं से समूह संचालक पिछले कई सालो से संघर्ष करते आ रहे हैं। किन्तु अभी तक इन रसोईयो का आर्थिक शोषण होता आ रहा है। यह न जाने कब बंद होगा। उस्त सारी समस्याओं के विषय में भोपाल में महिलाओं का प्रदर्शन होगा एवं अपने अधिकारों की लड़ाई से शासन को अवगत कराया जावेगा।