नीमच। बीते दिनों गांव गिरदौड़ा में एग्रीमेंट के दम पर भूमि स्वामी की जमीन पर कब्जा करने को लेकर लट्ठ से की गई मारपीट और मोबाइल लूटने पर कठोर और त्वरित कार्रवाई नहीं होने से नीमच के एक प्रतिनिधिमंडल ने बुधवार को पुलिस अधीक्षक से मिलकर संपूर्ण वस्तु स्थिति से अवगत कराया और उन्हें बताया कि किसी को भी ताकत और लट्ठ के बल पर मारपीट करने का अधिकार नहीं है लेकिन सिटी पुलिस की कार्रवाई निराशाजनक और अत्यधिक धीमी है।
ज्ञात है कि 30 जून, 2023 को विक्रम पाटीदार ने रिपोर्ट दर्ज करवाई थी कि उसकी जमीन पर चंद्रशेखर नागदा, सरदार सिंह गुर्जर एवं उसके पुत्र ने अवैध रूप से प्रवेश करने का प्रयास कर उसके तथा महेंद्र के साथ लट्ठ से मारपीट की तथा डरा धमकाकर मोबाइल लूटा है। जिसकी तत्काल पुलिस को सूचना दी गई लेकिन पुलिस ने एफआईआर दर्ज नहीं की है।
बुधवार को पुलिस अधीक्षक अमित कुमार तोलानी से प्रतिनिधिमंडल ने मिलकर बताया कि चाहे कुछ भी हो लेकिन किसी भी व्यक्ति को हथियार उठाने, ताकत दिखाने का अधिकार नहीं है। नीमच शांत क्षेत्र है, यहां शांति बनी रहे, इसके लिए अपराधियों पर शीघ्र और कठोर कार्रवाई होना थी, लेकिन नीमच सिटी पुलिस की कार्यवाही अत्यधिक धीमी और निराश करने वाली है। पुलिस अधीक्षक अमित कुमार तोलानी ने प्रतिनिधिमंडल को गंभीरता से सुना तथा न्याय संगत एवं शीघ्र कार्रवाई का आश्वासन दिया।
प्रतिनिधिमंडल में अभिभाषक संघ के अध्यक्ष मनीष जोशी, वरिष्ठ अधिवक्ता श्याम चतुर्वेदी, बालकृष्ण शर्मा, महेश पाटीदार, राजेश जाट, सचिन शर्मा, युगल वैरागी, शंभू सिंह चौहान, वरिष्ठ पत्रकार जिनेंद्र सुराना, पूर्व पार्षद मुकेश पोरवाल, संजय पवार, पाटीदार समाज के जिला अध्यक्ष श्यामसुंदर पाटीदार, प्रांतीय उपाध्यक्ष राजेश पाटीदार, जिला पाटीदार समाज ट्रस्ट के अध्यक्ष नंदकिशोर पाटीदार, भादवा माता धर्मशाला ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष प्रेमसुख पाटीदार एवं सचिव लक्ष्मण पाटीदार, युवा संगठन के जिला अध्यक्ष विश्वास पाटीदार, पूर्व जिला सचिव एवं ट्रस्टी निलेश पाटीदार, जीरन के पार्षद दिलीप पाटीदार, प्रकाश पाटीदार, मुकेश पाटीदार, नीमच के समाजसेवी मदनलाल भंडारी, दिलीप जैन मोड़ी, पूर्व पार्षद राजेश अजमेरा आदि अनेक नीमच के बुद्धिजीवी उपस्थित थे।
प्रतिनिधिमंडल ने सबसे ज्यादा आश्चर्य इस बात पर व्यक्त किया कि इतनी गंभीर घटना का वीडियो नीमच सिटी पुलिस के पास पहुंच गया था, पीड़ित भी पहुंच गया था लेकिन पुलिस ने इसे सिविल मामला बताकर रफा-दफा करने का प्रयास किया है। जबकि एग्रीमेंट के आधार पर किसी भी व्यक्ति को जमीनों पर कब्जा करने का अधिकार नहीं है। जब तक रजिस्ट्री नहीं होती है कोई भी प्रस्तावित खरीदार जमीन पर नहीं जा सकता है। प्रतिनिधिमंडल ने पुलिस अधीक्षक से तत्काल कठोर कार्रवाई कराने तथा निष्क्रिय नीमच सिटी पुलिस के अधिकारियों के विरुद्ध कार्यवाही करने के लिए एक ज्ञापन भी दिया।