खरगोन। प्रदेश के सीधी जिले में आदिवासी युवक पर पेशाब करने का वीडियो वायरल होने पर आदिवासी संगठनों में आक्रोश का माहौल पनप रहा है। बुधवार को मुख्यालय पर आदिवासी संगठन जयस, आदिवासी एकता परिषद और भीम आर्मी के बैनर तले आदिवासी कार्यकर्ताओं- पदाधिकारियों ने आरोपी प्रवेश शुक्ला और मनुवाद का पुतला दहन कर सरकार पर निशाना साधा। सरकार के खिलाफ नारेबाजी कर गृहमंत्री के इस्तीफे की मांग भी की।
जयस संरक्षक राजेंद्र सिंह पंवार, जीतु, सुभाष पटेल आदि ने कहा कि आदिवासी युवक पर पेशाब करने वाला व्यक्ति सीधी विधायक का प्रतिनिधि है, जो सीधे सरकार से जुड़े है। यह बेहद ही शर्मनाक और निंदनीय घटना है। इससे प्रदेश सरकार की आदिवासियों के प्रति मानसिकता उजागर होती है। आज भी भाजपा नेता मनुवादी परंपराओं पर चल रहे है। आदिवासी, दलितो पर अत्याचार आम बात हो गई है। जयस ने इस मामले में आरोपित की गिरफ्तारी पर लगाई गई धाराओं पर भी नाराजगी जताते हुए कहा कि पुलिस प्रशासन शासन के दबाव में काम कर रहा है, आरोपित को बचाने का प्रयास करते हुए बेहद मामूली धाराएं लगाई है। इसके लिए प्रदेश सरकार के गृहमंत्री भी दोषी है, जो बार-बार आदिवासियों पर हो रहे अत्याचार पर मौन है। दोषियों के खिलाफ ठोस कार्रवाई नही होने से आए दिन इस तरह की घटनाएं हो रही है।मांग है कि जो प्रदेश में आदिवासियों, दलितों, मजदूरों, गरीबों को सुरक्षा नही दे सकते, ऐसे गृहमंत्री को अपना इस्तीफा देना चाहिए।