खरगोन। देश में समान नागरिक संहिता (यूसीसी) कानून लागू होने से पहले ही विरोध के स्वर मुखर होने लगे है। इस कानून को लेकर आदिवासी समाज के साथ अब मुस्लिम समाज भी आपत्ति दर्ज करा रहा है। इस मामले में ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ने लोगों से भी इस कानून का विरोध करने की अपील की है, विरोध के लिए बाकायदा एक लिंक जारी किया गया है, जिस पर वो अपनी बातें रख सकते हैं। इस लिंक के प्रचार- प्रसार के लिए शहर के मियामान इलाके के कई घरों के बाहर पोस्टर चस्पा किए गए है। इस लिंक में दर्शाया गया है कि लिंक पर क्लिक करना होगा, जहां पर विरोध की लाइनें पहले से ही मौजूद हैं। बस अपनी मेल आईडी से उसे लॉ कमीशन को भेजना होगा।
इस मामले में समाज सदर अलताफ आजाद ने भी अपनी राय रखते हुए इस कानून को राजनीति से प्रेरित बताते हुए केवल वोट बैंक की राजनीति करार दिया। इस कानून से किसी को मूलभूत सुविधा या विशेष लाभ नही मिलेगा। आजाद ने बताया फिलहाल मुस्लिम पर्सनल लॉ के जरिये समाज के जागरुक लोग अपना विरोध दर्ज करा रहे है, आवश्यकता पडऩे पर समाज भी खुलकर सामने आयेगा। इस कानून से केवल मुस्लिम समाज नही बल्कि आदिवासी एवं अन्य समाज भी प्रभावित होंगे। इसके जरिए अलग.अलग धर्मों और संस्कृतियों की स्वतंत्रता पर चोट पहुंचाई जा रही है। हमारा देश विविधताओं से भरा हुआ है। सबकी अपनी सामाजिक और धार्मिक मान्यताएं हैं।