पिछले हफ्ते बालटाल व पहलगाम में हुई तेज बारिश और शेष नाग में हो रही बर्फबारी थमने के बाद अमरनाथ यात्रा फिर से शुरू हो चुकी है। अमरनाथ यात्रा पर इंदौर, देपालपुर व रंगवास क्षेत्र के भी श्रद्धालु गए हैं, जिनमें से आधे से ज्यादा बाबा बर्फानी के दर्शन कर चुके हैं। बाबा के दर्शन कर श्रद्धालु खुश तो हैं, लेकिन गुफा से लेकर बालटाल तक के मार्ग में सड़क खुदी होने के कारण काफी परेशानी का सामना भी करना पड़ा। तीन घंटे का सफर पूरा करने में सात घंटे का समय लगा। ऐसे ही इंदौर से गए दो संतो का वहां रजिस्ट्रेशन नहीं हो सका, जिसके चलते वे बिना दर्शन के लौटे।
दरअसल बालटाल और पहलगाम में गुरुवार से ही काफी तेज बारिश हाे रही थी। जिसके चलते इन दोनों स्थानों पर श्रद्धालुओं को बेस कैंप में ही रोक दिया गया था। जबकि कुछ यात्री पहलगाम के पास होटल में ठहरे थे। रविवार सुबह तक बारिश होती रही। वहीं शेष नाग में भी बर्फबारी होती रही। दोपहर बाद मौसम साफ होने पर बालटाल व पहलगाम से यात्रियों को रवाना किया गया। रविवार-सोमवार को श्रद्धालुओं ने सफर पूरा कर बाबा अमरनाथ के दर्शन किए और फिर बालटाल व पहलगाम लौटे। इन लोगों का कहना है कि बारिश व बर्फबारी तो प्रकृति का एक रूप है, लेकिन इस बार गुफा और वहां से लौटने के दौरान जरूर परेशानी हुई। इस पर अमरनाथ श्राइन बोर्ड को ध्यान देना चाहिए।
बालटाल में ठहरे इंदौर के श्रद्धालु।
इस बार गुफा में रुकने की कोई व्यवस्था नहीं
इंदौर निवासी व्यवसायी करण सागर ने बताया कि रविवार दोपहर 12 बजे बाद मौसम साफ होने पर पहलगाम से जत्थों को रवाना किया गया। वे अपने रिश्तेदारों व साथियों के साथ चंदनवाडी के लिए रवाना हुए और शेषनाग पहुंचे। चूंकि रात हो गई थी, शेषनाग में ही रूके। सोमवार सुबह 6 बजे वहां से पंच तरणी पहुंचे और वहां से फिर दोपहर 3 बजे गुफा पहुंचे। इस बार गुफा के लिए व्यवस्था बिल्कुल बदल गई थी। इस बार यहां रुकने की कोई व्यवस्था नहीं की गई थी।
दर्शन के बाद 3 किमी दूर प्रसाद की दुकानें
यात्रियों ने बताया कि गुफा के आसपास इस बार प्रसाद की एक भी दुकान को अनुमति नहीं थी। प्रसाद की दुकानें गुफा से तीन किमी दूर थी। इस बार गुफा में बोतल ले जाना भी प्रतिबंधित था। हर साल जब बाबा अमरनाथ की बर्फ पिघलती है, तो उक्त पवित्र जल लोग बोतलों में भरकर घर लाते हैं। लेकिन इस बार यह व्यवस्था नहीं थी।
14 में से 6 किमी रोड पर खुदाई, जाम में फंसे, सात घंटे लगे
एडवोकेट राकेश पालीवाल ने बताया कि गुफा तक पहुंचने में कुछ दर्शनार्थी ऐसे भी थे जिन्हें देरी होने पर वापस लौटा दिया गया। गुफा से बालटाल लौटने का रास्ता 14 किमी है। लेकिन इस बार इस मार्ग पर 6 किमी की सड़क पर खुदाई होने से पूरा रास्ता पथरीला है। इसके चलते दो घंटे जाम भी लगा, जिससे यात्री रात करीब 12 बजे बालटाल पहुंचे। पालीवाल ने बताया कि हम लोगों का 109 लोगों का जत्था है और दर्शन अच्छे से हुए लेकिन इस बार व्यवस्था बदलने से परेशानी भी हुई।
इंदौर के ये दो संत बिना दर्शन के लौटे
पालीवाल ने बताया कि ऑन द स्पॉट रजिस्ट्रेशन की व्यवस्था गुरुवार से ही बंद कर दी गई। इसके कारण इंदौर के संत सुकलानंद ब्रह्मचारी अग्नि अखाड़े के महाराज और छत्रीबाग आश्रम के महाराज को बिना दर्शन के ही वापस लौटना पड़ा। वे चंदनवाडी तक आए तो यहां एसडीएम तनवीर ने रजिस्ट्रेशन कराने के लिए कहा। रजिस्ट्रेशन बंद होने के कारण उन्हें रोक दिया गया। उन्होंने इसे लेकर श्राइन बोर्ड पर सवाल उठाए और कहा कि यात्रियों की सुविधाओं पर ध्यान देना चाहिए।
होटल, धर्मशाला का किराया चार गुना ज्यादा
उधर पांच दिनों से बंद जम्मू में देशभर के लाखों की संख्या में श्रद्धालु बैठे हुए हैं। कैंप में प्रतिदिन अलाउंस किया जाता है। सोमवार को अलाउंस किया गया कि जिन यात्रियों को जाना है, वे अपने घर जा सकते हैं। अभी यात्रा का समय निश्चित नहीं है। रंगवासा के पूर्व सरपंच संजय ने बताया कि हमारा पंजीयन है और 5 जुलाई से यहीं डटे हैं। मंगलवार सुबह हमें दर्शन के लिए 13 जुलाई की तारीख दी गई। इन 6 दिनों में यहां होटल, धर्मशाला, मकान के किराए में 2 गुना बढ़ोतरी कर दी गई है। जिस जगह शुरुआत में 500 रु. में कमरा लिया था वह 8 तारीख को 1000 रु. में व 10 तारीख को 2000 का हो गया। मोबाइल नेटवर्क भी आसानी से नहीं मिल रहा है।
चार घंटे बिजली नहीं, पानी की भी परेशानी
यात्रियों के मुताबिक जम्मू में भगवती निवास के आसपास रात्रि 8 बजे से लगभग 4 घंटे बिजली बंद रही वहीं मंगलवार सुबह नलों में पानी नहीं आया जिससे बाहर रुकने वाले यात्री काफी परेशान हुए। दो दिनों से तेज गर्मी की वजह से लोग रात रात्रि टैंकर के पास खड़े होकर श्रद्धालु स्नान कर रहे हैं। होटलों का किराया बढ़ने से तथा लंगर, मंदिर, गुरुद्वारा, धर्मशाला में जगह कम होने से सड़कों व बगीचों सोए रहे हैं। वे बाबा के दर्शन के लिए आतुर हैं। देपालपुर के केदार पंड्या, संदीप सेन, लोकेन्द्र माली इंदौर से श्रीनगर फ्लाइट से आए थे जो बीते दिनो पहलगाम से चंदनवाड़ी होते हुए रात को शेष नाग पहुंचे। ये सभी मंगलवार चंदनवाड़ी से निकल गए हैं उन्होंने बताया कि फिलहाल मौसम साफ है लेकिन अभी यात्रा शुरू नहीं की है।